सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण उंट के मुंह में जीरा : अनिल शर्मा

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नवादा टुडे डेस्क


बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व अध्यक्ष और जन आकांक्षा रैली मगध के प्रभारी अनिल शर्मा ने कहा कि सवर्ण आरक्षण का जो फार्मूला कांग्रेस की नरसिम्हा सरकार ने तैयार किया था, उसे लागू करके भाजजा खुद का श्रेय लेकर चुनावी वैतरणी पार करना चाह रही है। लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार को जनता समझ चुकी है। 2019 में जनता सबक सिखाएगी।
कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अनिल शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 1991 में कांग्रेस की नरसिम्हा राव सरकार ने सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान लाया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के रिजेक्शन के कारण सवर्ण आरक्षण बिल नहीं पास हो सका। मोदी सरकार ने उसी फार्मूले पर सवर्ण आरक्षण बिल लाकर केवल चुनावी वैतरणी को पार करना चाह रही है।

अनिल शर्मा ने कहा कि देश के सवर्ण अब मोदी सरकार के नियत को समझ चुकी है। 10 प्रतिशत आरक्षण के झांसे में सवर्ण नहीं आने वाले है। पिछले दिनांे भाजपा के ही नेता रामदास अठावले ने बिहार दौरे पर आने के बाद सवर्ण को 25 प्रतिशत आरक्षण देने की बात उठाई थी। भाजपा के ही घटक दल के नेता लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने सवर्णों को 15 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही थी।

    लेकिन मोदी सरकार ने अपने लोगों की भी बात नहीं सुनते हुए सिर्फ 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू किया है। गरीब सवर्णों को मात्र 10 प्रतिशत की आरक्षण देना उंट के मुंह में जीरे के समान है। देश के अंदर 35 प्रतिशत सवर्णों की अबादी है जिसमें गैर आरक्षित जातियांे की संख्या 51 से उपर है। इसी 10 प्रतिशत आरक्षण में मुस्लिम, क्रिश्चन, सिक्ख आदि भी आएंगे। ये आरक्षण महज झांसा है, जिसे जनता समझ चुकी है।

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