नवादा टुडे डेस्क
नवादा का आधा भाग समतल है। आधे भाग में पठार और जंगल है। लेकिन यह बहुत कम लोग जानते हैं कि यह जलाशय और जलप्रपात का भी इलाका रहा है। जंगल और पठारों से घिरा फुलवरिया ऐसा ही एक जलाशय है जिंदगी बचाने के लिए रमणिक होने के साथ-साथ सैलानियों के आकर्षण का केन्द्र है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे संरक्षित करने की घोषणा की है। 1967 में जब देश में अकाल पड़ी थी तब 12 जलाशय और 4400 कुआं की खुदाई की गई थी। अब जब सूखे के चलते परेशानी उत्पन्न हुई तब जिंदगी बचाने के लिए ऐसे जलाशयों को संवारने की कोशिश हो रही है।




















































































































