नवादा टुडे डेस्क
नवादा के राजद से विधायक रहे राजबल्लभ प्रसाद आचार संहिता उल्लंघन के मामले में आज नवादा सिविल कोर्ट के एसीजेएम एक अशोक कुमार गुप्ता के न्यायालय में पेशी की गई। पेशी के बाद फिर वापस बेउर जेल पटना भेज दिया गया है। राजबल्लभ प्रसाद जब नवादा आए तब उनके समर्थक काफी खुश हुए। लेकिन जाते ही वे लोग मायूस हो गए।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन के मामले में 20 मार्च 2009 को राजबल्लभ प्रसाद समेत पांच लोगों के खिलाफ भादवि की धारा 188/17 सी और 3 लोक संपति निरूपण अधिनियम के तहत नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि आचार संहिता लागू होने के बाद भी सिविल कोर्ट परिसर के बाहर चंडीनावां हाई स्कूल में आयोजित खेल कार्यक्रम का पोस्टर चिपकाया गया था।

नवादा के तत्कालीन बीडीओ प्रमोद कुमार पांडेय की लिखित शिकायत पर राजबल्लभ प्रसाद, पूर्व विधायक वनवारी राम, पूर्व जिला पार्षद अखिलेश सिंह, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष नीतू सिंह और कृषक महाविधालय के सचिव मो यूनूस के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में संज्ञान के बाद वनवारी राम, अखिलेश सिंह, नीतू सिंह उपस्थित हो गए थे। इसी मामले मंे आज अधिवक्ता के आग्रह पर राजबल्लभ प्रसाद की पेशी की गई। इस मामले की अगली तारीख 22 फरवरी रखी गई है। फिलहाल यह मामला मो यूनूस की उपस्थिति के लिए चल रहा है।

गौरतलब हो कि राजबल्लभ प्रसाद दुष्कर्म के मामले में पटना एमपी एमएलए कोर्ट से आजीवन कारावास के सजायाप्ता है। फिलहाल वह पटना के बेउर जेल मंे रह रहे हैं।




















































































































