नए साल में जिले के हर स्कूल का हर कोना होगा बाला केन्द्र

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सर्वेश गौतम
           रजौली प्रखंड के प्राणचक प्राइमरी स्कूल को इस कदर सजाय संवारा गया है कि दूर-दूर से लोग यहां सेल्फी लेने आ रहे हैं। इस स्कूल की चर्चा दूर-दूर तक हो रही है। स्कूल की दीवाल,सीढ़ी एवं फर्श पर बनी पेंटिंग एवं चित्रकारी ऐसे है कि बच्चे इससे पढ़ाई भी कर रहे हैं और इसी चित्रकारी पर खेलकूद कर खेल भी रहे हैं। 
         नए साल में इसी तरह की गतिविधि जिले के 1666 प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में होगी। सभी स्कूल आकर्षक पेंटिंग एवं चित्रकारी से सुसज्जित होंगे। समग्र शिक्षा अभियान के डीपीओ मो जमाल मुस्तफा ने बताया स्कूल ऐसा होगा कि बच्चे जब स्कूल आएं तो यहां से जाने का मन न हो।

कहा इसके लिए सभी स्कूलों को बाला ऐक्टिविटी सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। डीपीओ ने कहा कि फिलवक्त जिले के 4 स्कूलों को बाला ऐक्टिविटी सेंटर के रूप में विकसित किया गया है जिसमें रजौली प्रखंड का प्राणचक स्कूल एवं चिरैला,नवादा प्रखंड का माधोविगहा एवं अम्बिका विगहा को बाला केन्द्र बनाया गया है।

सिरदला के चैगांव एवं हेमजाभारत में भी कार्य चल रहा है। जनवरी तक एसएच एवं एनएच रोड के किनारे के स्कूलों को बच्चों के अनुकूल पेंटिंग एवं चित्रकारी से सजाया जाएगा। उन्होंने बताया बाला केन्द्र के लिए जिला पदाधिकारी कौशल कुमार द्वारा 10 लाख रूपए निर्गत किए गए हैं। इससे इन स्कूलों में बाला केन्द्र विकसित हो जाएगा। अन्य स्कूलों के लिए विद्यालय अनुदान राशि से कार्य होगा।
बाला केन्द्र के रूप में विकसित होगा सभी स्कूल
      जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय चैधरी ने कहा कि जिले के प्रत्येक विद्यालयों के वर्ग कक्ष में दीवाल लेखन किया जाएगा। बिल्डिंग एज लर्निंग एड (बाला) के तहत विद्यालय के वर्ग कक्ष को आकर्षक चित्र व वर्णाक्षरों को आकर्षक पेटिंग से सजाया जाएगा। चित्रकला के माध्यम से छात्र-छात्राओं को अक्षर बोध भी कराया जाएगा।

वर्णाक्षरों के माध्यम से बच्चे बिना किताबों के भी पढ़ने के प्रति रूचि लें ऐसी चित्रकला कराने का निर्देश दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय प्राणचक बाला कार्यक्रम का मिशाल बन गया हैं। बाला कार्यक्रम के नोडल शिक्षक राजेश कुमार भारती एवं विनय प्रभाकर ने बताया प्राथमिक स्कूल प्राणचक के कक्षाओ में ,बाउंड्री वाल ,सीढ़ियों ,फर्श सहित संपूर्ण विद्यालय के बुनियादी ढांचों में विशेष चित्र व आकृतियां बनाई गई है। उकेरे गए अंकों और अक्षरों के जरिए बच्चे जोड़,घटाना,गुणा,भाग तो सीख ही रहे हैं, अंग्रेजी के शब्द और वाक्य भी बना रहे हैं। इसी तरह की ऐक्टिविटी जिले के सभी स्कूलों में नए साल में होगी।

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