नवादा टुडे डेस्क
राजस्थान के दुल्हें ने बिना दहेज के शादी रचाने के लिए हामी भरी तो समाज के लोगो ने गरीब परिवार में पली बेटी के शादी का पूरा खर्च उठा लिया। आर्थिक तंगी झेल रहे कौलेश्वर की पुत्री पिंकी रविवार को समाज की बेटी बनकर विदा हुई। हिसुआ अंदर बाजार में फुटपाथ पर सिलाई मशीन चलाने वाले कौशलेन्द्र प्रसाद की माली हालत ठीक नहीं है। तीन पुत्री को शादी किसी तरह कर पाए थे।
लेकिन चैथी बेटी की शादी को लेकर वे चिंतित थे। उनके पास अतिथि सत्कार के लिए भी पैसे नही थे। लेकिन राजस्थान में पेशे से पत्रकार एक युवक ने शनिवार को कौलेश्वर के घर आकर उनकी बेटी का हाथ मांगा। लड़के ने तिलक दहेज नहीं लेने की बात कही। शादी के खर्चे और बेटी की विदाई भर भी पैसे नहीं थे। ऐसे में समाज के लोगों ने मदद की।
डबल एमए है दुल्हा
बिना तिलक दहेज के शादी रचाने वाला युवक जयपुर राजस्थान निवासी राम किशोर गुप्ता का पुत्र बिहारी लाल गुप्ता डबल एमए है। बिहारी लाल गुप्ता ने बताया कि वह पेशे से पत्रकार है और उसका एक जनरल स्टोर की दुकान भी है। हिसुआ के कौशलेन्द्र की एक बेटी राजस्थान में रहती है और उन्होंने ही बहन की शादी के लिए चर्चा की थी। लड़की की फोटो देखने के बाद हमने बिना दहेज की शादी करने की इच्छा जताई।
फूटी कौड़ी नहीं थी लेकिन धूम-धाम से हुई विदाई
पिंकी के पिता के पास फूटी कौड़ी नहीं थी। ऐसे में हिसुआ शहर के माहुरी समाज के अलावे अन्य कई लोगों ने सहयोग कर शादी का पूरा खर्चा उठा लिया। पिंकी को जेवर ,कपड़े आदि उपहार देकर विदा किया गया।





















































































































