नवादा टुडे डेस्क
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं एवं परिवार नियोजन के अस्थायी साधनों को बेहतर ढंग से समुदाय तक पहुंचाने के लिए परिवर्तन के पैरवीकारों का दो दिवसीय रिफ्रेषर प्रशिक्षण दिया गया। पाॅपुलेशन फाउण्डेशन इंडिया के सहयोग से ग्राम निर्माण मंडल द्वारा संचालित ‘‘स्वास्थ्य सेवाओं के सामुदायिक आधारित निगरानी’’ परियोजना के अन्तगर्त आषा, आॅंगनवाड़ी सेविका, वार्ड सदस्य व जीविका सीएम लोगों के दो दिन का रिफ्रेशर प्रशिक्षण का आयोजन प्रखंड सभागार रजौली में किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में रजौली प्रखंड के 102 गांवों के 306 प्रतिभागियों का प्रशिक्षण कई चरणों में होना है जो परियोजना के अन्तगर्त परिवर्तन के पैरवीकारों (एएफसी) हेतु चयनित है। पहला चरण दिनांक 23-24 जनवरी 2020 को आयोजित है।
इस प्रषिक्षण में निम्नलिखित विन्दुओं पर इनका क्षमतावद्र्वन किया गया। राष्ट््रीय स्वास्थ्य मिशन की मुख्य विषेषताएं, परिवार नियोजन, स्वास्थ्य के लिए सामुदायिक प्रयास के छ: चरण, आईभीआरएस, ग्रामीण स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति, ग्रामीण स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस आदि के बारे में लाेगाें काे अवगत कराया गया।
ट्रेनिंग के दूसरे वैकल्पिक प्रश्नत्तर के माध्यम से जाॅंच परीक्षा के द्वारा इनका मुल्यांकन किया गया। इस अवसर पर रजाैली प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा प्रभारी, ग्राम निर्माण मंडल के प्रधानमंत्री अरविंद कुमार, पीएफआई पटना के प्रोग्राम मैनेजर शेख नौशाद अख्तर, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी पप्पु कुमार, प्रखंड कार्यक्रम समन्वयक डाॅ भारत भूषण शर्मा, कलस्टर समन्वयक शीला कुमारी, ललन प्रसाद, धीरेन्द्र कुमार और कुल 48 प्रतिभागी जिसमें आशा 18, वार्ड सदस्य 11 एवं आॅंगनवाड़ी सेविका 19 सम्मलित है।






















































































































