गोविंदपुर प्रखंड के स्थानीय बाजार में बीते सात साल पुर्व लाखों लीटर भार क्षमता वाले जल मीनार बनाकर तैयार किया गया था। लेकिन उस जल मीनार से स्थानीय बाजार के लोगों को कभी कोई लाभ नहीं मिल पाया है। गोविंदपुर 1000 घरों की बस्ती है, जिसमें सैकड़ों आदमी रहते हैं लेकिन पीएचडी की लापरवाही से जनता वाटर सप्लाई के पानी से वंचित है। विभाग कि लापरवाही के कारण फव्वारे कि तरह लाखों लीटर रोज पानी बरवाद कराया जा रहा है। जिस पर विभाग के कर्मचारी व अधिकारी का कोई ध्यान नही है।
पीएचडी ने कहा- सरकार को दी गई है सूचना
शिकायत करने पर स्थानीय कर्मचारी और पीएचडी विभाग के बड़े पदाधिकारी पल्लू झाड़ देते हैं। वहीं पीएचडी विभाग के कर्मचारी से शिकायत करने पर बताया कि उच्च पदाधिकारी को पानी लिकेज की सुचना दे दिया गया है। लेकिन ऊपर के पदाधिकारी कोई ध्यान नही दे रहे हैं। पीएचडी विभाग के दिलीप कुमार ने पर बताया कि सरकार कि लापरवाही के कारण काम नहीं हो पा रहा है। जबकि दो माह पहले भी पानी कि बर्बादी को लेकर दिलीप कुमार से बात किया गया था तो बताया था कि टेंडर हो गया है। काम चालू करा दिया जायेगा और अब वही दिलीप कुमार बताते है कि विभाग व सरकार कि लापरवाही के कारण पानी बरवाद हो रहा है।




















































































































