नवादा टुडे डेस्क
हिसुआ अपने समस्याओं के निदान के लिए मांगपत्र सौंपने गए कर्मचारी प्रतिनिधि से दुव्र्यवहार के बाद टीएस काॅलेज के कर्मचारी प्राचार्य पर भड़क उठे। सोमवार को कर्मचारी प्राचार्य के विरोध में प्रिंसपल चैंबर के पास धरने पर बैठ गए। इस दौरान करीब 5 घंटे तक टीएस काॅलेज के प्राचार्य अपने चैंबर में ही बंधक बने रहे। कर्मचारियों ने विरोध में नारेबाजी करते हुए प्राचार्य को हटाने की मांग की।
काॅलेज शिक्षक कर्मचारी संघ के सचिव सच्चिदानंद मिश्रा ने कहा कि प्राचार्य ने काॅलेज के माहौल को अराजक बना दिया है। वे महीने में एक-दो दिन ही काॅलेज आते हैं और पटना से ही काॅलेज चलाते हैं। जब मन हो मौखिक आदेश से प्रभारी बनाते हैं। सभी काॅलेजो में छात्रों का एडमिट कार्ड आ गया है लेकिन यहां नहीं आया है। छात्र कर्मचारियों पर प्रेशर करते हैं। कर्मचारी परेशान हैं लेकिन प्राचार्य काे इसकी फिक्र नहीं है। कर्मचारियों के प्रोन्नति से संबंधित मामला अटका हुआ है।
हमलोग सोमवार को प्रोन्नति के मामले को लेकर प्राचार्य को आवेदन देने गए थे लेकिन उन्होंने दुव्र्यवहार करना शुरू कर दिया। अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद विरोध में कर्मचारी संघ ने प्राचार्य कक्ष के पास धरने पर बैठ गया। काॅलेज में जात-पात फैला रहे प्रिंसपल सच्चिदानंद मिश्रा ने कहा कि काॅलेज के प्राचार्य काॅलेज में जात-पात फैला रहें हैं। बाहरी लोगों को काॅलेज में बैठाकार राजनीति की जाती है। वे सीएम का नाम लेकर रौब जमाते हैं।
मौके पर कोषाध्यक्ष श्याम सुंदर, मिथलेश कुमार, नवल किशोर विद्यार्थी, विनय कुमार, चंद्रमौली सिंह, शैलेन्द्र कुमार आदि कर्मचारियों ने कहा कि प्राचार्य के हटने तक आंदोलन जारी रहेगा। मंगलवार को भी कर्मचारी धरना प्रदर्शन करेंगे। पानी पीने के लिए मुहताज हैं बच्चे और कर्मचारी कर्मचारी संघ के नेताओं ने कहा कि काॅलेज में तीन चापाकल है। सभी खराब हालत में हैं। कई बार प्राचार्य से चापकल बनवाने का आग्रह किया लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया।
ऐसे में विद्यार्थियों और कर्मचारी को पीने के लिए पानी भी नसीब नहीं है। कर्मचारी नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि प्राचार्य तानाशाह हो गए हैं और किसी की नहीं सुनते। शिक्षकों से दुव्र्यवहार किया जाता है। प्राचार्य ने थाने में की शिकायत दूसरी तरफ, कॉलेज के प्राचार्य मेघन प्रसाद ने थाने में आवेदन देकर काॅलेज कर्मचारियों के िखलाफ शिकायत की है। प्रार्चाय ने बताया कि सच्चिदानंद मिश्र ने जबरन ऑफिस में घुसकर हस्ताक्षर करने को कहा और जातिसूचक तथा अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
हमें जान मारने की धमकी भी दी गई । जबकि सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास करता हूं। कर्मचारी की पद्दोन्नति को लेकर मांगी गइर् रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेज दिया गया है। प्राचार्य ने सच्चिदानंद के अलावा श्यामसुंदर सिंह आदि कई कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराइर् है।



















































































































