नवादा टुडे डेस्क
हिसुआ राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक और जिले के प्रख्यात समाजसेवी डाॅ मिथलेश कुमार सिंहा के निधन पर जिले भर में शोक संवेदनाओं का तांता लगा है। मंगलवार को जिले के कई जगहों पर शोक सभा आयोजित कर उनके द्वारा चलाए गए अभियानों को पूरा करने का संकल्प लिया गया। हिसुआ शहर के कचहरी गली स्थित आर्य समाज मंदिर में शोकसभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
शोकसभा की अध्यक्षता जयनारायण प्रसाद ने किया। लोगों ने डाॅ मिथलेश सिन्हा के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि कर उन्हे श्रद्धांजलि दिया। मौके पर आर्य समाज के प्रखंड उपाध्यक्ष उदय भारती ने ने कहा कि डाॅ मिथलेश मृदुल स्वाभाव के इंसान थे। वे और नवादा का साहित्य एक दूसरे के पूरक थे। डाॅ शैलेंद्र प्रसुन्न ने कहा कि वे युवाओं को हमेशा घरोहरो व संस्कृति को सहेजने के लिए प्रेरित करते थे।
दयानंद प्रसाद ने कहा कि वे एक कुशल शिक्षक व गांधीवादी विचारक थे। पवन गुप्ता ने कहा कि उन्होंने समाज के समक्ष जो उदाहरण प्रस्तुत किया है वह अनुकरणीय है। जितेंद्र आर्यन ने कहा उन्होंने हिसुआ की अलग पहचान बनाने के लिए काफी प्रयास किया। तिलैया नदी को तमसा तट की पहचान और हिसुआ चैक को विश्वशांति चैक का दर्जा दिलवाने वाले में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। मौके पर केदारनाथ गुप्ता, मनोज शर्मा आदी लोग मौजूद थे।
स्कूल में दूसरे दिन भी पसरा सन्नाटा
नगर के प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय में दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। स्कूल तो खुला लेकिन बच्चों की चहक गायब थी। स्कूल पहुंची बच्चियों की आवाज दबी थी। शिक्षक-शिक्षिकाएं स्तब्ध दिख रहे थे। प्रभारी प्राचार्य बृजनन्दन शर्मा , परीक्षा नियंत्रक डाॅ. राजेश कुमार ने बताया कि विद्यालय का वातावरण एकदम से शोक में डूबा लग रहा है। दिवंगत प्राचार्य ने विद्यालय को अगल मुकाम पर पहुंचाया है। पूरा विद्यालय परिवार उन्हें खोकर स्तब्ध है। विद्यालय में शिक्षकों और बच्चों ने शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।





















































































































