नवादा टुडे डेस्क
हिसुआ प्रखंड के मंझवे पहाड़ी पर स्थित सैयद चमनशाह महमुदल्लाह के मजार पर बुधवार को ऊर्स का आयोजन किया गया । ऊर्स के मौके पर हिन्दू -मुस्लिम समाज के लोगों ने चादरपोशी कर अमन की दुआ मांगी। बाबा के मजार पर चादरपोशी के बाद लोगों ने खिचड़ा को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया । बतादे कि यहां प्रतिवर्ष उर्दू कैलेण्डर के शरीफ के 27 वीं तिथि को ऊर्स का आयोजन होता है ।
मंझवे गाॅव के ग्रामीणों ने बताया कि जो भी दुखयारी बाबा के मजार पर सच्चे मन से मन्नत माॅगता है , बाबा उनकी पुकार अवश्य सुनते हैं और उनकी मुराद अवश्य पूरी होती है । मुराद पूरी होने पर लोगा ऊर्स के अवसर पर बाबा के मजार पर चादरपोशी एवं खिचड़ा बनाना नहीं भुलते हैं । पूर्व प्रखंड प्रमुख रंजन शाही ने बताया कि करीब पचास वर्ष पूर्व सुरेश यादव , मो. हाफिज एवं मो. इशमामुलहक ने यहां बाबा के मजार पर चादरपोशी किया और ऊर्स मनाया था ।
धीरे-धीरे बाबा की ख्याती बढती गयी और लोगों का आस्था भी बाबा के प्रति बढता गया । श्रद्धालुओं के लिए मनोरंजन के लिए मनोरंज की भी व्यवस्था की गई है। भीड़ को देखते हुए पुलिस की एक टुकड़ी भी मुस्तैदी से तैनात रही। मौके पर तुंगी पंचायत के पूर्व मुखिया विनोद कुमार , पैक्स अध्यक्ष अंकित कुमार, फोनवेल इकवाल, रौशन खान एजाजुल हक, मोहम्मद अली, सहित दर्जनों की संख्या में लोग व्यवस्था बनाने में जुड़े रहे।
अपने खर्चे से बनाया मजार
शाही ने बताया कि मंझवे निवासी सुरेश यादव एवं बड़ोसर निवासी मोहम्मद हाफिज ,मोहम्मद इसमामूल हक को मवेशी चराने के क्रम में एक दिन उन्हें पहाड़ी के ऊपर एक प्रकाश पुंज दिखलाई दिया। इसके बाद रात्रि में तीनों को स्वप्न हुआ कि जिस स्थान पर प्रकाश दिखाई दिया वहां मेरा मजार बनाया जाए और इबादत किया जाए। इसके बाद तीनों ने अपने स्वयं के खर्चे से मजार का निर्माण किया।
जुटते हैं कई जिले के लोग
दिन प्रति दिन इस मजार के प्रति लोगों की आस्था बढती ही जा रही है। बाबा के मजार पर सालों भर लोग आते रहते हैं। अगल-बगल के गांवों के अलावा नालंदा, नवादा, शेखपुरा, गया, मुंगेर, कोडरमा आदि जिलों से लोगों का आना जाना होता है । लोग मजार पर लोग अपनी मन्नतों के साथ इबादत करते हैं। खासकर उर्स मेलों में श्रद्धालुओं की चादर पोशी के लिए लंबी कतार लगी रहती है।



















































































































