बिहार राज्य रसोईया संघ के आहवान पर नवादा इकाई ने सूबे के मुख्यमंत्री की तुगलकी फरमान के विरोध में मुख्यमंत्री का पुतला फुंका। मौके पर संघ के सावित्री देवी, ममता देवी ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि एक ओर इसी हिन्दुस्तान के तमिलनाडु में 5 हजार, केरल में 4500 से 6 हजार रसोईया को राज्य सरकार द्वारा भुगतान किया जाता है। वहीं बिहार की सरकार खजाने में पैसे न रहने की बात करके 12 महीने काम कराकर 10 महीने की राशि का ही भुगतान किया जाता है। बतातें चलें संयुक्त संघर्ष समिति के आहवान पर विगत 7 जनवरी से ही जिलेभर की रसोईया हड़ताल पर है। जिसमें मानदेय बढाये जाने एवं सरकारी सेवक घोषित किए जाने सहित कई मांगें शामिल है। इस दौरान सरोज देवी, गुड़िया देवी, गिरजा देवी, गायत्री देवी, मिन्टु देवी, नीतु देवी, रामयतन सिंह, दानी विद्यार्थी, अनुज कुमार मौजुद थे।
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