अशोक प्रियदर्शी
एक लड़की को एक लड़के से प्यार की बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। उस लड़की को करीब दो घंटे तक पेड़ में बांधकर रखा गया। उसकी तबतक पिटाई की गई जबतक वह बेहोश नही हो गई। लेकिन जब होश में आई तब बोली जितनी भी सजा दी जाय लेकिन वह शादी उस लड़के से ही करेगी, जिसके साथ वहे भागी थी। यह घटना बिहार के नवादा जिले के रजौली थाना के जोगियामारन गांव की है।
दरअसल, रजौली थाना के योगियामारन गांव निवासी मो फरीद अंसारी की बेटी तरन्नुम खातून और बलिया निवासी अर्जुन राजवंशी के पुत्र रूपेश राजवंशी के बीच करीब डेढ़ साल से दोस्ती थी। तरन्नम के मुताबिक, वह जब रजौली प्रोजेक्ट स्कूल में पढ़ने जाती थी तभी रूपेश से दोस्ती हुई थी। बाद में प्यार में तब्दील हो गया। लेकिन परिजनों को यह मंजूर नही था। इसलिए पढ़ाई छोड़वा दी गई थी। तरन्नुम ने कहा कि वह उसी के साथ जिंदगी गुजारना चाहती है। इसलिए वह रूपेश के साथ भाग गई थी। लेकिन जब परिजनों को पता चला तब उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया।
लड़की को पेड़ में बांधकर की गई पिटाई, बेहोश हो गई, लेकिन जब होश में आई तब बोली उसी लड़के से करेंगे शादी

गुरूवार को लड़की को रूपेश के एक रिश्तेदार के घर से हरदिया गांव से परिजनों ने बरामद किया। दरअसल, बलिया गांव से लडकी के किसी परिचित ने फोन किया कि तरन्नुम इस गांव में है तब उसे अपने गांव योगियामारण लाया गया। उसके बाद उसे शीशम के एक पेड़ में बांध दिया गया। फिर उसे करीब दो घंटे तक घूप में रखा गया। फिर लड़की की पिटाई की गई। बताया जाता है कि उसे तबतक पिटाई की गई जबतक वह बेहोश नही हो गइ्र। परिजन उसे यह सबक सिखाना चाह रहे थे कि वह खुद को हार मान ले। लेकिन वह हार नही मानी। वह बेहोश हो गई। तब ग्रामीण उसके चेहरे पर पानी का छिड़काव कर होश में लाया। लेकिन जब होश में आयी तब वह बोली उसे जो भी सजा मिले लेकिन वह शादी उसी लड़के से करेगी। लड़की ने कहा कि उस लड़के से डेढ़ साल से प्यार है। मैं कोई जाति और धर्म नहीं मानती हूं। मेरा उम्र 18 वर्ष से ऊपर है। मुझे किस से शादी करनी है और किस से नहीं यह निर्णय लेने को स्वतंत्र हूं।
30 सितंबर की रात में भागी थी
तरन्नूम और अरूण के बीच संबंधों की जानकारी परिजनों को पहले से थी। इसलिए तरन्नूम को स्कूल जाने से रोक दिया गया था। यही नहीं, लड़की पर अक्सर उसके परिजन नजर रख रहे थे। लेकिन बताया जा रहा है कि लड़की जब 18 साल पूरी कर ली तब भागने की योजना बना ली। 30 सितंबर की रात दो बार भागने की कोशिश की थी। लेकिन पहली दफा उसकी मां ने उसे पकड़ ली थी। लड़की के पिता ने फरीद अंसारी ने बताया कि लेकिन फिर बिजली कट गई थी। उसके बाद अंधेरा का फायदा उठाकर वह भाग गई।
फरीद अंसारी ने बताया कि एक साल पहले उसके पे्रम संबंध की जानकारी मिल गई थी। उसकी लड़की ने स्वीकार भी की थी। गांव में पंचायती कर लड़की को समझाया गया था। फिर भी वह नही मानी। फरीद ने कहा कि उसे हम जाति में लाना चाहते थे, लेकिन वह दूसरी जाति में जाना चाहती थी। यही जुर्म की, इसलिए उसे ऐसी सजा दी गई। रजौली एसडीपीओ संजय कुमार ने कहा कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नही मिली है। लेकिन शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब हो कि लड़की के पिता परदेश में मजदूरी करते हैं। वह मोहर्रम में घर आया हुआ था। वहीं रूपेश राजवंशी बंगलौर में जूता सिलाई का काम करता है। रूपेश की मां चिंता देवी पंच है, जबकि पिता अर्जुन राजवंशी किसान।





















































































































