Onkar kashyap
पिछले दो बार से गणतंत्र दिवस के दिन फुलवरिया जलाशय के पास काला झंडा फहराते आ रहे नक्सलियों ने इस बार भी बड़ा प्लान बना रखा था। लेकिन सुरक्षबलों और पुलिस की सतर्कता के कारण नक्सली मात खा गए। भानेखाप के आस-पास नक्सलियों के जमावड़े का पुलिस को पक्का खुफिया इंपुट मिला था। इसके बाद चले आॅपरेशन में सुरक्षा बलों को कामयाबी मिली और एक नक्सली ढेर हो गया। मारे गए नक्सली के पास जो जिस तरह के हथियार और असलहे मिले हैं उससे नक्सलियों की तैयारी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

मारे गए नक्सली के पास से आधुकिन माने जाने वाले इंसास रायफल, पांच मैग्जीन , 122 कारतूस और एक पिट्ठू बरामद किया गया था। इतना ही नहीं घटना स्थल से सतू , अन्य राशन समाग्री के अलावे तिरपाल भी बरामद किए गए हैं। इससे साफ है कि नक्सलियों का जत्था इलाके में लंबी गतिविधि और दमदार उपस्थिति दर्ज कराने के लिए दाखिल हुआ था। एक नक्सली के पास से 122 कारतूस बरामद होने का मतलब भी साफ है कि नक्सली मुटभेड़ की स्थिति में भी देर तक लड़ने और पुलिस को भारी नुकसान देने के मूड में थे। लेकिन सुरक्षा बलों की सतर्कता के आगे नक्सलियों की सारी तैयारी धरी की धरी रह गई और पुलिस ने नक्सलियों को पीछे धकेल दिया।
सितंबर में भी हुई थी मुटभेड़
रजौली जंगल में कुछ माह पूर्व भी भानेखाप समेत आसपास के इलाकांे में 17 सितंबर से शुरू हुए दो दिवसीय सर्च अभियान में अधिकारियों ने पुष्टि की थी कि नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई। जिसमें प्रदुमन शर्मा को गोली लगे होने की बात कही गई थी। हालांकि गोली लगने के बाद भी घायलावस्था में वहां से फरार हो गया था।जोकि आज तक पुलिस गिरफ्त में नहीं आ सका है।




















































































































