पोर्न के खिलाफ अभियान में शामिल हुए रोटेरियन, कहा- घर घर पहुंच गया है पोर्न, सभी हैं परेशान

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अशोक प्रियदर्शी 

 पोर्न के खिलाफ दैनिक भास्कर के अभियान में नवादा का रोटरी क्लब भी शामिल हुआ। बुधवार को दैनिक भास्कर कार्यालय में रोटरी क्लब के अध्यक्ष शशिभूषण प्रसाद की अध्यक्षता में परिचर्चा आयोजित हुई। इस परिचर्या में रोटेरियन ने सार्वजनिक रूप से महसूस किया कि स्मार्टफोन के जरिए पोर्न साइट्स घर घर में पहुंच गया है। इससे सभी लोग परेशान हैं। लेकिन लज्जावश लोग सार्वजनिक चर्चा नही करते हैं।

दैनिक भास्कर ने इस मुहिम की शुरूआत कर सामाजिक स्तर पर बड़ी पहल की है। भास्कर का यह कदम सराहनीय है। रोटेरियन ने कहा कि सामाजिक स्तर पर जागरूकता के साथ साथ सरकार को इसपर गंभीरता से पहल करनी चाहिए ताकि नई पीढ़ी को बीमार होने से बचाया जा सके नही रूका तब होंगे गंभीर परिणाम पोर्न साइटस के बढ़ते प्रभाव से समाज का हर तबका प्रभावित हो रहा है। रिश्ते बिगड़ रहे हैं। बच्चों की क्रियेटिविटी खत्म हो रही है। संस्कृति को नुकसान पहुंच रहा है।

समय रहते नही रोका गया तो आने वाले समय में गंभीर परिणाम सामने आएगा। स्मार्ट फोन के कारण यह मर्यादाएं टूट रही है। अश्लीलता की स्वीकार्यता बढ़ रही है। -शशिभूषण प्रसाद, अध्यक्ष रोटरी क्लब नवादा।
वैदिक परंपरा से जीवित रहेगी सामाजिक तानाबानावैदिक परंपरा को अपनाएं तभी सामाजिक ताना बाना बरकरार रह सकेगा। बच्चों को धर्म की शिक्षा दी जानी चाहिए। पूजा पाठ और अध्यात्म की ओर नई पीढ़ी को मोड़ने की जरूरत है।

इंटरनेट की जगह पुस्तकें का प्रचलन बढ़ाना चाहिए। सामाजिक चेतना बढ़ाने की जरूरत है। -आरपी साहू, पूर्व सहायक मंडलाध्यक्ष, रोटरी क्लब। नवादा। पोर्न से बढ़ रही यौन संबंधी बीमारियां पोर्न साइटस देखने से बच्चों के जीवन पर सीधा असर पड़ रहा है। उनका चेहरा सूजा हुआ, आंखों के सामने काली छाईयां जैसे कई लक्षण यौन विकृति के रूप में सामने देखने को मिलने लगा है। यही नहीं, व्यस्क भी इसके शिकार होने लगे हैं। इसे बचाने के लिए सबों को आगे आने की जरूरत है।-डाॅ मनोज कुमार, चिकित्सक और रोटेरियन, नवादा।

सख्ती बरतने की जरूरत सरकार को पोर्न साइटस को बंद करने को लेकर सख्ती बरतने की जरूरत है। इससे व्यक्ति और परिवार नही नई पीढ़ियां बर्बाद हो रही है। इन पीढ़ियों को दलदल से बचाने के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना चाहिए।-नीरज लोहानी, रोटेरियन, नवादा अश्लील विज्ञापन को बंद किया जाना चाहिए अश्लील विज्ञापन भी लोगों को यौन विकृति और मानसिक विकृतियां बढ़ा रही है। पोर्न साइटस बंद करने के साथ फिल्म और टीवी में प्रदर्शित किए जाने वाले अश्लील विज्ञापनों पर रोक लगाई जाय। अश्लील विज्ञापन से सामाजिक वातावरण दुषित हो रहा है।-नागेन्द्र कुमार, रोटेरियन, नवादा।
पोर्न के चलते सहमे हैं अभिभावक स्मार्ट फोन से बच्चों को अलग नही किया जा सकता है। लेकिन इसका दुष्प्रभाव पोर्न साइटस के रूप में सामने आने लगा है। लिहाजा, अभिभावक भी सहम सा गए हैं।
अभिभावकों के समक्ष डर और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है।-पंकज झुनझुनवाला, रोटेरियन, नवादा।
योग और नैतिक शिक्षा पर दिया जाय बल लोकप्रिय पोर्न साइटस को तत्काल बंद कर दिया जाना चाहिए ताकि सर्च इंजन से वह गायब हो जाय। यह एक बड़ी समस्या है। सामाजिक और सरकारी स्तर पर प्रयास जरूरी है। पढ़ाई के सिलेबस में योग और नैतिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। डाॅ एकलव्य भगत, रोटेरियन, नवादा।
स्मार्टफोन नही, संस्कार दें वैदिक और अध्यात्मिक सभ्यता को छोड़कर पश्चिमी सभ्यता की ओर बढ़ रहे हैं। इसका दुष्प्रभाव अब समाज पर दिखने लगा है।

बच्चों को स्मार्ट फोन नही संस्कार देने की जरूरत है। लेकिन ऐसा नही हो रहा है। सबको सोचने की जरूरत है।राजेन्द्र प्रसाद, रोटेरियन। नवादा।सेक्स एजुकेशन लागू किया जाय सेक्स की जानकारी से लोगों को जितना रोका जा रहा है। नई पीढ़ियों को उसके बारे में जानने की इच्छा उतना ही बढ़ती जा रही है। पोर्न की ओर बढ़ता दिलचस्पी इसका उदाहरण है। सेक्स एजुकेशन को पाठयक्रम में लागू किया जाना चाहिए ताकि बच्चे भी इसके बारे में परिचित रहेंगे।

यौन विकृतियों से बचा जा सकेगा।रिषभ, रोटेरियन, नवादा।
टूट रहे रिश्ता भारतीय समाज की परंपरा अच्छी रही है। पर पोर्न साइटस के कारण सामाजिक रिश्ते टूट रहे हैं। भाई-बहन, मां-बेटे जैसे रिश्ते भी प्रभावित हो रहे हैं। बच्चे, युवा, बुजुर्ग सभी प्रभावित हो रहे हैं। अभिभावकों को भी जिम्मेदार अभिभावक की भूमिका निभानी चाहिए।-नित्यानंद प्रसाद, सचिव, रोटरी क्लब। नवादा ।



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