पोर्न के खिलाफ एकजुट हुए पालिटिकल पार्टियों के लीडर, कहा-समाज बचेगा तभी होगी राजनीति

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अशोक प्रियदर्शी

पोर्न के खिलाफ दैनिक भास्कर के अभियान में गुरूवार को पाॅलिटिकल पार्टियों के लीडरों ने गले शिकवे भूलकर हिस्सा लिया। दैनिक भास्कर कार्यालय में नागरिक अधिकार संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष और पीयूसीएल के अध्यक्ष दिनेश कुमार अकेला की अध्यक्षता में परिचर्या आयोजित की गई। इसमें पाॅलिटिकल पार्टियों के लीडरों ने कहा कि पोर्न साइटस समाज को बर्बाद कर रहा है। यही रफतार रहेगी तब देश की पहचान बदल जाएगी। लीडरों ने सर्वसम्मति से तय किया कि यह किसी दल की बात नही है पूरे समाज की बात है। समाज बचेगा तभी राजनीति होगी। इसलिए समाज को बचाने के लिए पोर्न साइट्स पर पाबंदी जरूरी है। इसपर कठोर कानून बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों को पहल करनी चाहिए। यही नहीं, समाज को बचाने के लिए राजनीतिक दलों को अपने अपने स्तर से जागरूकता कार्यक्रम चलाने की जरूरत है।

सामाजिक क्रांति की जरूरतपोर्न साइट्स को हर हाल में प्रतिबंध किया जाना चाहिए। यह भारतीय संस्कृति को नुकसान पहुंचा रहा है। बच्चों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। इसके लिए सामाजिक क्रांति की जरूरत है। इसपर प्रतिबंध के लिए दल के भीतर भी आवाज उठाने का काम करूंगा।-रविंद्र यादव, प्रदेश महासचिव, युवा राजद।
समाज सुधार का यह बड़ा काम पोर्न साइट्स से समाज को बड़ा नुकसान पहुंच रहा है। इसके प्रचलन से देश की छवि खराब हो रही है। देश में नीतीश कुमार पहले ऐसे सीएम हैं, जिन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठाई है। यह एक सामाजिक सुधार का विषय है। दैनिक भास्कर ने राष्ट्रीय स्तर पर इसके खिलाफ मुहिम शुरू कर समाज सुधार की दिशा में बड़ी पहल की है।  -मुकेश विधार्थी, प्रदेश संगठन मंत्री, जेडीयू।

सभ्यता और संस्कृति के खिलाफ साजिश पोर्न साइट्स सभ्यता और संस्कृति के खिलाफ बड़ी साजिश है। यह नाबालिग और व्यस्क दोनों को प्रभावित कर रहा है। इससे अपराध बढ़ रहा है। समय की बर्बादी हो रही है। कार्य क्षमता प्रभावित हो रही है। सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर पहल की जरूरत है।शशिभूषण कुमार बब्लू, सांसद प्रतिनिधि, नवादा।
वायरस से बड़ा है पोर्न की लत 
  पोर्न साइट्स की लत किसी बीमारी की वायरस से भी बड़ा है। इसका प्रभाव भी कई गुणा तेजी से समाज पर पड़ रहा है। इसके लिए सामाजिक आंदोलन जरूरी है।
धर्मपाल कुमार, जिला सचिव, एलजेपी, नवादा।

खतरे में परिवारिक रिश्ते 
पोर्न साइट्स का दुष्प्रभाव सामाजिक और पारिवारिक रिश्ते पर दिखने लगा है। ऐसे कई उदाहरण रहे हैं जिसमें बहन-भाई, मां-बेटे के रिश्ते भी कलंकित हो रहे हैं। महामारी की तरह फैल रही है। हम सभी असुरक्षित हैं। हम सबों को पहल करने की जरूरत है।-अभिमन्यू कुमार, अध्यक्ष, एलजेपी, नवादा।

राजनीतिक दलों की बड़ी जिम्मेवारी
पोर्न साइट्स के जरिए भारत को पीछे करने की साजिश है। इस साजिश से भारत को बचाने के लिए राजनीतिक दलों की बड़ी जिम्मेवारी है। शायद ही कोई शख्स ऐसा है जो इससे अछूता रह गया है। इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात कर संसद में उठाने का आग्रह करूंगा।  विनोद कुमार विनीत, जिलाध्यक्ष, आप।

गांव देहात की संस्कृति हो रही प्रभावित
पोर्न साइटस का असर शहरों तक सीमित नही है। गांव देहात में भी तेजी से यह संस्कृति फैल रही है। इससे बलात्कार की घटनाएं बढ़ी है। घरेलू शोषण बढ़ी है। हम सबों का दायित्व है कि इसके खिलाफ सभी राजनीतिक दल अपने अपने स्तर से माहौल तैयार करें।अशोक मांझी, जिलाध्यक्ष, हम, नवादा।

पंचायत स्तर पर हो जागरूकता
पोर्न साइट्स के कारण लोग यौन और मानसिक विकृति के शिकार हो रहे हैं। इससे बचाने के लिए पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने की जरूरत है।
राजेश कुमार, जिला उपाध्यक्ष, आरएलएसपी, नवादा।


परिवार से हो जागरूकता की शुरूआत
स्मार्ट फोन से कई अच्छी चीजें आई है। लेकिन अब बुराइयां हावी हो रही है। यही कारण है कि गांव समाज प्रभावित हो रहा है। छेड़खानी जैसी घटनाएं भी इन सब कारणों से बढ़ रही है। इससे जागरूकता के लिए परिवार से शुरूआत की जानी चाहिए।
राजेन्द्र प्रसाद, प्रदेश उपाध्यक्ष, आरएलएसपी, नवादा।

भारतीय संस्कृति के खिलाफ साम्राज्यवाद की साजिश
भारतीय सभ्यता और संस्कृति के खिलाफ साम्राज्यवाद के साजिश के कारण पोर्न साइट्स का प्रभाव देश में बढ़ रहा है। अश्लीलता इस कदर हावी है कि हर घर की बहू बेटियां असुरक्षित महसूस करती है। यह पतनशील संस्कृति का परिचायक है। इसका विरोध हर संवेदनशील नागरिक को करना चाहिए। हालांकि पीयूसीएल इस पर प्रतिबंध का प्रयास करती रही है।
दिनेश कुमार अकेला, अध्यक्ष, पीयूसीएल, नवादा ।

राजनीति से अधिक सामाजिक मुद्दा
पोर्न संस्कृति का बढ़ रहा प्रभाव को रोकना राजनीतिक से ज्यादा सामाजिक मुददा है। भारत दुनिया में संस्कृति की राजधानी रही है। इसका नकल पश्चिमी देश करने लगे हैं। पोर्न के जरिए भारत पर सांस्कृतिक हमला किया जा रहा है। इससे बचाने के लिए पारिवारिक स्तर पर शुरूआत की जानी चाहिए। 
-संजय कुमार मुन्ना, जिलाध्यक्ष, भाजपा, नवादा।

व्यस्तता के कारण घर में घुस रही बुराई
हम सभी अपने अपने कार्यों को लेकर इस कदर व्यस्त हैं कि घर में घुस रही बुराई पर ध्यान नही जा रहा है। लेकिन यह नई पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है। बच्चों का व्यक्तित्व विकास बाधित हो गया है। स्कूल स्तर पर बच्चों को जागरूक करने की जरूरत है। समाज को दिशा प्रदान करना हम सबों का दायित्व है।
आभा देवी, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस, नवादा।

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