नवादा टुडे डेस्क
नवादा शहर जाम का पर्याय बन गया है। लिहाजा, छुटटी हो या फिर कामकाजी दिन। जाम से शहर के लोगों को निजात नही मिलता है। हालांकि पुलिस कभी कभार कोशिश करते मिल जाती है। लेकिन सर्कीण सड़कें, उसपर फुटपाथ और शहर से निकास की कोई व्यवस्था नही रहने से वाहनों का जाम शहर का हिस्सा बन गया है। मोटरसाइकिल चालक, रिक्शा और ई-रिक्शा वाले लोग कराहते रहते हैं। लेकिन उन्हें इस समस्या के साथ जुझते रहना उनके जीवन का हिस्सा बन गया है।



















































































































