नवादा टुडे डेस्क
नवादा सहकारिता से जुड़े जिले के किसानों के लिए अच्छी खबर है। सेंट्रल को-आॅपरेटिव बैंक से अब किसानों को 3 लाख रूपए तक का केसीसी ऋण मिल सकेगा। इस बात का स्वीकृति शुक्रवार को दि नवादा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के बोर्ड की बैठक में ली गई। द नवादा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष रणजीत कुमार मुन्ना की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बैंक और किसान की बेहतरी को लेकर कई निर्णय लिए गए।
सबसे पहले पूर्व की बैठक में लिए गए प्रस्तावों की संपुष्टि की गई तथा उन्हें पारित किया गया। इसके बाद धान अधिप्राप्ति के लिए दिए गए कैश क्रेडिट की समीक्षा की गई। और धान खरीद में तेजी लाने के लिए कैश क्रेडिट बढाने की बात कही गई। बैंक ने सबसे महत्पपूर्ण निणर्य लेते हुए विभाग के पत्रांक 3314 के निर्देश के तहत केसीसी की सीमा बढाकर 3 लाख रूपए कर दी गई। अब तक को-आॅपरेटिव बैंक से डेढ लाख रूपए तक ही मिलने का प्रावधान था।
अध्यक्ष रणजीत कुमार मुन्ना ने कहा कि बैंक को मजबूती देने के लिए पिछले दिनों किए गए कार्यों से बैंक का स्वरूप बदला है। किसानों की सहुलियत के लिए गई विंदुओं पर काम हो रहा है। किसानों का धान समय पर खरीदने के लिए पर्याप्त मात्रा में कैश क्रेडिट पैक्सों को दी गई है।
फ्राॅड रोकने के लिए बनी कमिटी
बैठक में बैंक से संबंधित फ्राॅड को रोकने के लिए कमिटी भी बनाई गई। अध्यक्ष रंजीत कुमार मुन्ना ने कहा कि सहकारिता बैंक को व्यवसाईक बैंकों की तरह अपडेट करने के लिए प्रयास चलता रहेगा। जल्द ही सबकुछ ठीक हो जाएगा। इनवेस्टमेंट और आॅडिट के लिए भी कमिटी बनी है। बैठक में बैंक की वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने को प्राथमिकता देने की बात कही गई।
11 मुद्दों पर हुई चर्चा
बैठक में धान खरीद के लिए पैक्स और व्यापार मंडलों को आरसीसी देने ,ऑडिट कमिटी का गठन , फ्राॅड रिडरेशल सेल का गठन , इन्वेस्टमेंट कमेटी का गठन, निदेशक परिषद की प्रस्ताव की संपुष्टि, पैक्सों को दिए गए क्रेडिट लिमिट को स्वीकृति , लेखाकार के फीस भुगतान करने सहित 10 11 मुद्दों पर विचार किया गया। इस मौके पर बैंक के प्रबंध निदेशक शहनवाज आलम के अलावा बैंक के निदेशक आदि मौजूद थे।





















































































































