नवादा टुडे डेस्क
प्रकृति की बेरूखी का सीधा असर जन जीवन पर देखने को मिला। 2019 में भू जल स्तर करीब 52 फीट नीचे चल गया। लिहाजा, जिले के कई हिस्से में पेयजल की समस्या गहरा गई। गोविंदपुर के करीमचक के ग्रामीणें को ज्यादा ही मुश्किल हुई।
पानी के लिए लोग पांच-छह किमी की दूरी तय कर पानी लाने को विवश रहे। यही नहीं, अतिवृष्टि और अनावृष्टि के कारण बाढ़ और सुखाड़ की समस्याएं झेलनी पड़ी। 85 हजार हेक्टेयर भूभाग में खरीफ फसल आच्छादन का लक्ष्य था। लेकिन आधे भूभाग परती रह गया।



















































































































