नवादा टुडे डेस्क
वारिसलीगंज प्रखंड क्षेत्र के गांव से बाजार तक चलने वाले टेंपो खचाखच भरकर ऊपर नीचे और पीछे लटका कर यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचाते हैं। यात्रियों से भरे टेंपो से बराबर दुर्घटनाएं घटती रहती है। बावजूद चालक व यात्री इन घटनाओं से सीख नहीं ले रहे हैं।
गौरतलब हो कि क्षेत्र में चल रहे सैकड़ों टेंपो हर रोज यात्रियों को लाने और ले जाने का कार्य कर रही है। जिसमे कई दर्जन टेम्पु चालक नाबालिग और बिना लाइसेंस के हैं। जो तेज आवाज में लोडस्पीकर बजा कर कानों में मोबाइल लगाकर वाहन को तेज गति से ले जाते है। उसी प्रकार क्षेत्र में कुकुरमुत्ता की तरह उग आए निजी विद्यालय के टेंपो चालक भी बच्चे को लाने और ले जाने के वक्त काफी तेज गति में वाहन को ले जाते हैं। इससे आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते रहती है। बावजूद बेरोकटोक यात्रियों को ऊपर नीचे और पीछे जहां तक संभव हो सकता है भर कर तेज गति में ले जाते हैं।
छह माह पहले मुरलाचक के पास तालाब में एक यात्रियों से भरा टेम्पु पलट गया था। लेकिन महज संयोग था कोई बड़ी घटना नहीं घटी थी। उस टेम्पु में सवार लगभग आधा दर्जन महिला पुरुष घायल हुए थे। नवंबर माह में झौर के पास खचाखच टेंपो के पलट जाने के कारण आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गई थे।





















































































































