धान क्रय केंद्र नहीं खुलने के कारण औने पौने दाम में धान बेचने को मजबूर हैं किसान

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नवादा टुडे डेस्क

वारिसलीगंज धान के कटोरा वारिसलीगंज में दिसंबर समाप्त होने के बाद भी धान क्रय केंद्र नहीं खुलने के कारण किसानों को अपनी जरूरत पूरा करने के लिए धान  औने पौने दाम में बिचैलियों के हाथों बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।

जिले के एकमात्र उद्योग वारिसलीगंज चीनी मिल बंद हो जाने के बाद क्षेत्र के किसानों के घरों के सारे जरूरी कार्य को पूरा करने के लिए धान ही एकमात्र सहारा बचा है। जिसे किसान बेचकर घर बनाना, लड़की की शादी, बच्चों की पढ़ाई आदि रोज मरे की जरूरतों को पूरा करते हैं। किसानों द्वारा उपजाए धान को खरीदने के लिए सरकार द्वारा क्रय केंद्र खोलने की मंजूरी मिली हुई है। जहां किसानों को धान की अच्छी कीमत मिलने की संभावना है।

लेकिन दिसंबर समाप्त होने को है और लगभग क्षेत्र के किसानों का धान खलिहान में या घर तक पहुंच चुका है। ऐसी स्थिति में घरों के सारे कार्य करने व रबी फसल की बुवाई में आने वाले खर्च को पूरा करने के लिए किसानों को अपने मेहनत के बदौलत उपजाए गए धान मजबूरी बस बिचैलिए के हाथों औने पौने दाम पर 12 से 13 50 सौ रुपए प्रति क्विंटल बेचना पढ़ रहा है।

जबकि सरकार द्वारा खोले जाने वाले धान क्रय केंद्रों पर धान का कीमत 1815 रुपया प्रति क्विंटल सरकार द्वारा तय किया गया है। लेकिन जिले के अधिकारियों के मनमानी के कारण किसानों को सरकार द्वारा तय किए गए दाम का लाभ नहीं मिल रहा हैं और अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए लगभग प्रति क्विंटल पांच से छह सौ नुकसान पर बिचैलियों के हाथों बेचने को मजबूर हो रहे हैं।  अधिकारियों द्वारा बताया जा रहा है कि धान में अभी नमी बरकरार है। जिस कारण किसानों का धान खरीदना घाटे का सौदा है। इसी वजह से धान क्रय केंद्र नहीं खोला जा रहा है।

बता दें कि वारिसलीगंज में सकरी नहर वा नदियों के कारण धान की अच्छी फसल होती है लेकिन पिछले 2 वर्षों से नहर में पानी नहीं आने व वर्षा नहीं होने के कारण क्षेत्र में मात्र 30 से 40ः ही धान की रोपनी संभव हो सकी है। इस स्थिति में धान अच्छी कीमत पर व समय पर नहीं बिकना किसानों के लिए नई परेशानियां उत्पन्न कर रही है।

– क्या कहते हैं अधिकारी

वारिलीगंज बीसीओ ने क्रय केंद्र नहीं खुलने के सवाल पर बताया कि अभी धान में नमी बची हुई है। जिस कारण क्रय केंद्र खोलने में देरी हो रही है। संभावना है जनवरी के प्रथम सप्ताह में सभी 16 पैक्स पर धान खरीदने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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