नवादा टुडे डेस्क
कांडों के अनुसंधान और निष्पादन की धिमी रफ्तार के कारण नवादा सदर डीएसपी विजय कुमार झा पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। सदर डीएसपी विजय कुमार झा से काम में लापरवाही पर जवाब मांगा गया हैं। उनके खिलाफ कांडों के निष्पादन में रूचि नहीं लेने का आरोप है। उनके योगदान के बाद 20 माह में पेंडिंग केसो की संख्या सवा गुनी हो गई। इसे विभाग ने गंभीरता से लिया और इसके लिए सितंबर माह में भी उनसे कारण बताने को कहा गया था।
इसके बाद डीएसपी द्वारा प्रस्तुत किए गए बचाव की दलील को विभाग ने नकार दिया है और कार्रवाई की कवायद शुरू हो सकती है। गृह विभाग ने सोमवार को सदर डीएसपी विजय कुमार झा के खिलाफ नोटिश जारी कर दिया है। नोटिश में कहा गया है कि विजय कुमार झा ने नवादा सदर एसडीपीओ के पद पर योगदान के बाद एक सितंबर 2017 को 1404 कांड लंबित थे।
इनमें से 960 विशेष प्रतिवेदित कांड लंबित थे। इन कांडों के निष्पादन की जिम्मेवारी डीएसपी विजय कुमार झा को दी गई थी। लेकिन मई 2019 तक लंबित कांडों की संख्या 1823 हो गई है। इसमें 1169 विशेष प्रतिवेदित कांड लंबित हैं। मगध क्षेत्र के डीआइजी ने इस मामले की जांच की तो डीएसपी के काम में लापरवाही पाई गई। इसके बाद उनके खिलाफ विभाग को रिपोर्ट भेजी गई थी।
पर्यवेक्षण के लिए लंबित कांडों की संख्या भी बढी
जारी नोटिश में अनुसंधान के अलावे पर्यवेक्षण के लिए लंबित कांडों की संख्या का भी जिक्र किया गया है। योगदान के समय पर्यवेक्षण के लिए 178 कांड लंबित थे जिनमें से 125 विशेष प्रतिवेदित थे। मई 2019 में पर्यवेक्षण के लिए लंबित कांडों की संख्या 364 पहुंच गई। इनमें से 304 कांड विशेष प्रतिवेदित हैं। इनमें से 148 ऐसे कांड है जिनमें पर्यवेक्षण कांड दर्ज होने के 3 माह बाद आया। इसके अलावा गिरफ्तारी आदि में भी असंतोषजन प्रदर्शन की बात कही गई है।

















































































































