नवादा डेस्क
सुमित कुमार
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए देश से लेकर विदेश तक युद्धस्तर पर प्रयास जारी हैं। वायरस के बढ़ते प्रसार के बीच राज्य सरकार ने कोरोना वायरस को महामारी भी घोषित किया है। इससे बचाव के लिए बिहार सरकार ने शुक्रवार को हींं विशेष बैठक बुलाकर सभी जिलों के सरकारी एवं प्राइवेट विद्यालय, कोचिंग संस्थान, सिनेमाघर सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थान को 31 मार्च तक बंद करने का आदेश जारी किया था।
तब पर भी सोमवार को हिसुआ के अंदर बाजार के तेली टोला स्थित ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल सरकार के आदेश का उल्लंघन करते हुए अपने विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों का वार्षिक परीक्षा का संचालन कर रहा था। जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस व बीडीओ को दी गई। जब पुलिस सूचना के आलोक में स्कूल पहुंची तो प्रथम पाली के परीक्षा समपन्न हो चुकी थी तथा बच्चे खेल रहें थे।
पुलिस सरकार व प्रशासन के आदेश के विरुद्ध स्कूल को खुले रखने के आरोप में स्कूल के व्यवस्थापक सुदेश लाल को थाना लाया हालांकि बाद में प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ मृत्युंजय कुमार भी स्कूल पहुंचे लेकिन उनके आने के पूर्व स्कूल के मित्र कार्यालय खुले थे। बीडीओ को दिग्भ्रमित करते हुए बताया कि स्कूल को छुट्टी कर दी गई है। सिर्फ विद्यालय के शिक्षक हीं आ रहे थे। बाद में स्कूल के व्यवसथापक सुदेशलाल को थाना से हिदायत देकर छोड दिया गया।


















































































































