नवादा टुडे डेस्क
नवादा के आईटीआई परिसर में गुरूवार से शुरू हुए दो दिवसीाय नियोजन सह मार्गदर्शन मेला का शुक्रवार को समापन हो गया। दो दिनों के नियोजन मेला में बेराजगार युवाओं को रोजगार देने के लिए 22 प्राइवेट कम्पनियों ने कैम्प लगाया। लेकिन 22 में से 12 कम्पनियों ने ही बुरोजगार युवक एवं युवतियों को रोजगार देने में रूचि दिखाई। पहले दिन रोजगार की चाहत में 768 आवेदकों ने बायोडाटा दिया जिसमें 193 बेरोजगार आवेदकों का स्थल चयन किया गया।
वहीं अंतिम दिन 808 लोगों ने आॅन स्पाॅट रोजगार के लिए आवेदन दिया पर इसमें से ज्यादातर आवेदकों को निराशा हाथ लगी। दूसे दिन के मेला में महज 163 युवाओं एवं युवतियों को ही कम्पनी रोजगार के लिए सलेक्ट कर पाई।
दो दिनों के नियोजन मेला में आईटीआई परिसर में 5 हजार से अधिक लोगों ने रोजगार के लिए जानकारी ली। वहीं कई युवा लोकल स्तर के कम्पनी में आवेदन करने में हिचकिचाते रहे। युवाओं ने कहा मेला में स्टाॅल लगाने वाली ज्यादातर कम्पनी निम्न स्तर की रही। इसमें से अधिकांश कम्पनी पटना की थी।
इस अवसर पर युवाओं ने मेला स्थल पर एनसीएस पोर्टल पर निबंधन कराया तथा विभिन्न विभागों द्वारा सरकारी कार्यक्रमों की जानकारियां दी गई। इस मौके पर जिला नियोजन पदाधिकारी जयनेन्द्र कुमार, श्रम अधीक्षक ,आईटीआई के प्राचार्य, जिला नियोजनालय नवादा के कर्मी अजय कुमार, सदानन्द कुमार, प्रशान्त कुमार गौरव एवं अन्य कर्मचारी आदि उपस्थित थे।
– मेला में ठंढ का भी रहा असर
मेला में ठंढ का भी खुब असर रहा। दो दिनों के मेला में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटी। शीतलहर एवं कड़ाके की सर्दी की वजह से कई लोग रोजगार कैम्प में पहुंचे भी तो जल्द ही लौट आए। कई लोग रोजगार की तलाश की जगह महज जानकारी प्राप्त करने के उदेश्य से ही पहुंचे। मेसकौर से पहुंचे सुबोध राजवंशी ने बताया नियोजन मेला के लिए दो-दो बार तिथि परिवर्तित किया गया।
इस ठंढ में उम्मीद से आए कि किसी बढ़िया कम्पनी में जाॅब मिलेगा लेकिन जिस तरह की कम्पनी यहां आई उसमें ज्यादातर के बारे में कभी पहले नाम भी नहीं सुना था। कुछ कम्पनी तो महज स्टाॅल लगाने ही आई। इ कम्पनियों ने किसी एक को भी रोजगार नहीं दिया। यहां ऐसा लग रहा है कि कम्पनी नौकरी देने से ज्यादा अपना प्रोडक्ट बेच रहे हैं।




















































































































