निरीक्षण के नाम पर शोषण के खिलाफ जिले में बंद रही 500 दवा दुकानें

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नवादा टुडे डेस्क

नवादा जिले में दवा दुकानों के निरीक्षण के नाम पर हो रहे शोषण एवं उत्पीड़न के विरोध बुधवार को 500 दवा दुकानों में ताला लटका रहा। दवा दुकानदारों के समर्थन में जिले के 300 हाॅलसेल दवा दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें बंद रखी। बिहार केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आवाह्न पर जिले में बंद दवा दुकानों की वजह से मरीज हलकान रहे। नर्सिंग होम एवं सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को तो दवा उपलब्ध हो गया लेकिन निजी चिकित्सकों के यहां इलाज कराने वाले मरीज के परिजन दवाई के लिए भटकते रहे। हिसुआ के रौशन कुमार ने बताया मां हर्ट के रोगी हैं इनकी नियमित दवाई चलती है। दवा दुकानों के बंद का ध्यान नहीं रहा इस कारण बंदी से पूर्व दवाई खरीद नहीं पाए। बुधवार को जब दवाई लाने पहुंचे तो ताला लटका देखकर नर्सिंग होम के दवाघर में गए लेकिन उक्त दवाई उपलब्ध नहीं हो पाई।

नवादा जिला दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष ब्रजेश राय ने कहा निरीक्षण के नाम पर हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ सात सूत्री मांगों के समर्थन में 3 दिनों तक दवा दुकानें बंद रखने का अल्टीमेटम  ड्रग इंस्पेक्टर को दिया गया है। बुधवार को बंद पूर्ण रूप से सफल रहा। उन्होंने कहा अभी तीन दिनों का अल्टीमेटम है अगर मांगों पर सहमति नहीं दिया गया तो आगे अनिश्चितकालीन बंदी हो जाएगी।

– विरोध में निकाला जुलूस
बंद के समर्थन में एसोसिएशन के सदस्यों ने नवादा शहर में विरोध प्रदर्शन भी किया। सभी सदस्य जैन मंदिर से जेल रोड होते हुए कलेक्ट्रेट तक बिहार सरकार के खिलाफ नारा लगाते समस्याओं के निराकरण की मांग करते रहे। औषधि विभाग द्वारा दवा दुकानदारों को छोटे छोटे बिंदुओं के ऊपर प्रताड़ना न करने के लिए सरकार से गुहार लगाते हुए कलेक्ट्रेट होते हुए हटिया पर आकर घरना एवं जुलूस को समाप्त किया।

मौके पर जिला अध्यक्ष ब्रजेश राय, सचिव अनिल प्रसाद, कोषाध्यक्ष भोला प्रसाद, उपाध्यक्ष राजेश कुमार सिन्हा, संगठन सचिव ज्योतिष कुमार, संयुक्त सचिव योगेंद्र कुमार, उदय जैन, अरुण भगत, सोनी कुमार, सुमित कुमार, गिरधारी लाल, जवाहर जी, मनोज कुमार, अशोक कुमार, विनोद कुमार, अजित कुमार राय आदि शामिल थे।

– मानक का कराया जा रहा अनुपालन,इसे उत्पीड़न बताया जा रहा
औषधी निरीक्षक डाॅ संजीव कुमार ने कहा विभाग द्वारा तय किए ड्रग एक्ट के मानक का अनुपालन कराने के लिए निरीक्षण किया जा रहा है, लेकिन इसे उत्पीड़न कहा जा रहा है। उन्होंने कहा मानक का पालन नहीं होगा तो कार्रवाई करना ही ही होगा। कानून का पालन करना और पालन करवाना शोषण और उत्पीड़न नहीं हो सकता है। औषधी निरीक्षक ने कहा जिले में बंद का कोई असर नहीं रहा। सभी पीएचसी एवं सदर हाॅस्पिटल में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध है। इसके अलावा नर्सिंग होम की दुकाने भी पूर्ववत खुली रही। उन्होंने बताया गलियों में संचालित कई दुकाने भी खुली रही।

– दवा दुकानदारों की मुख्य मांगे
फार्मासिस्ट की समस्या का समाधान होने तक पूर्व की स्थिति बहाल रखने, निरीक्षण के नाम पर विभागीय उत्पीड़न बंद करने, निरीक्षण के लिए 29 मार्च को जारी आदेश को वापस लेने, निरीक्षण के दौरान कमी पाए जाने पर दंडित करने की जगह सुधार के लिए निर्देश देने, विभागीय निरीक्षण में एकरूपता के लिए विभाग की ओर से दिशा निर्देश जारी करने, लाईसेंस नवीनीकरण में केन्द्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के आलोक में राज्य औषधी निरीक्षक द्वारा चलान जमा करने में एकरूपता रखने,विभागीय निरीक्षण का उदेश्य सुधारात्मक रचना की गई है।

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