नवादा जिले के सभी 30 परीक्षा केन्द्रों पर मैट्रिक परीक्षा कदाचार मुक्त एवं शांतिपूर्ण महौल में सम्पन्न हुई। पहले दिन की परीक्षा में एक भी छात्र कदाचार के आरापे में परीक्षा से निष्कासित नहीं हुआ। हाॅ कुछ परीक्षार्थियों को जिला प्रशासन की सख्ती से फजीहत जरूर हुई। प्रोजेक्ट कन्या इंटर स्कूल में परीक्षा देने आई एक छात्रा 5 मिनट देर से पहुंची। लेकिन उसे अंदर जाने नहीं दिया जा रहा था। उसके भाई ने जब वहां मौजूद अधिकारियों से अनुरोध किया तो वे और आगबबूला हो गए और उसके साथ हल्की फुल्की मारपीट भी कर दी। लेकिन छात्रा के अनुरोध के पश्चात उसे परीक्षा केन्द्र के भीतर जाने दिया गया।
छात्रा ने बताया जाम की वजह से वे 9ः25 में सेंटर के पास पहंुची,लेकिन बेवजह परेशान किया गया. भाई के साथ मारपीट भी हुआ। इसी तरह कृष्ण मेमोरियल काॅलेज में एक छात्र जूता पहनकर आ गया,उसे बाहर में ही जूता खुलवा लिया गया। छात्र ने बताया जानकारी नहीं थी कि चप्पल पहनकर परीक्षा देना है। रजौली के मथुरासिनी इंटर स्कूल में गल्र्स स्कूल लौंद की 13 बच्चियां परीक्षा देने तो आई लेकिन परीक्षा देने से वंचित हो गई। ऐसा बिहार बोर्ड एवं स्कूल प्रिसिपल की लापरवाही के कारण हुआ। बताया जाता है कि मैट्रिक परीक्षा के लिए छात्रों का आॅनलाइन आवेदन हुआ था।

आवेदन के पश्चात बोर्ड द्वारा इन 13 छात्राओं के एडमिट को जब भेजा गया तो त्रुटियां थी। इसे सुधारने के लिए छात्राओं ने प्रिंसिपल को आवेदन भी दिया लेकिन सुधार नहीं हो सका। गुरूवार को जब ये अपने सेंटर पर परीक्षा देने पहुंचे तो एडमिट कार्ड मिलान के पश्चात गुरूवार की परीक्षा से वंचित कर दिया गया। अब इन छात्रों को दसी दिन की परीक्षा में शामिल होने की इजाजत मिलेगी जि विषय का जिक्र उनके एडमिट कार्ड में है।
जिला कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार पहले दिन की परीक्षा में पाली में 20483 परीक्षार्थियों में से 20205 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। 278 परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं आई। इसी तरह सेकेंड शिफ्ट में 18689 परीक्षार्थियों में से 18385 परीक्षार्थी परीक्षा दिए,शेष 304 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए।




















































































































