जिले के 59 बालू घाटों के लिए 23 करोड़ में मिला 10 माह का एक्सटेंशन बढ सकते हैं बालू के दाम

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नवादा टुडे डेस्क

नवादा बालू के जरूरतमंदों के लिए राहत भरी खबर है। पर्यावरणीय अनुमति और माइनिंग प्लान के इंतजार में पहली जनवरी को बालू का खनन बंद नहीं होगा और बालू का उठाव पहले की तरह जारी रहेगा। खनन विभाग ने पुराने निविदा धारी को ही अगले 10 माह तक खनन की अनुमति दे दी है। इस निर्णय के बाद जिले में खनन पहले की तरह ही जारी रहेगा और जिले में बालू की किल्लत नहीं होगी।

हांलाकि इसके लिए बालू खनन कर रही एजेंसी को 50 प्रतिशत अतिरिक्त राशि विभाग को देना पड़ेगा। इससे बालू निविदा का बजट करीब डेढ़ गुना हो जाएगा और इसका खामियाजा पब्लिक को भी उठाना पड़ेगा और उन्हें ज्यादा कीमत पर बालू खरीदना पड़ सकता है। बता दें कि 1 जनवरी 2020 से जिले में नए सिरे से बालू का खनन होना था।

इसके लिए जिले भर के सभी नदियों को 7 बालू खनन क्षेत्र घोषित कर नए तरीके से निविदा निकाली गई थी। जिले में नए बालू अधिनियम के तहत घाटों की बंदोबस्ती प्रक्रिया तो पूरी कर ली गई है लेकिन पर्यावरणीय स्वीकृति तथा माइनिंग प्लान नहीं बन पाने के चलते नए निविदा धारी के द्वारा फिलहाल खनन नहीं शुरू हो पाएगा। इसलिए वर्तमान में खनन कर रही एजेंसी को अगले 10 महीनें बालू उठाव की अनुमति दे दी गई है।

डेढ गुना बढा बजट

फिलहाल बालू उठाव का बजट 15 करोड़ 88 लाख रूपया है। विभाग ने निविदा धारक को खनन अवधि विस्तार के लिए 50 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान करने को कहा है। इस तरह से बालू का बजट डेढ गुना हो जाएगा। अब बालू का बजट करीब 23 करोड़ से ज्यादा हो गया है।

क्यों मिला एक्सटेंशन

साल से जिले में बालू का उठाव नए नियम के तहत होना था। अभी बालू उठाव कर रही एजेंसी का करार 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है और नए निविदा धारी को बालू खनन में की अनुमति मिलने में कई माह का समय लग सकता है। ऐसे में अगर पुराने एजेंसी को अवधि विस्तार नहीं मिलता तो जिले में 1 जनवरी से खनन बंद हो जाता। बंद होने पर बालू की किल्लत हो सकती थी। लिहाजा जिले में बालू की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए पुराने निविदा धारक को 10 महीने का एक्सटेंशन दे दिया गया।  

नए नियम से उठाव में हो सकती है देरी

इसके लिए जिले के सभी सात बालू घांटों के लिए निविदा की प्रक्रिया पिछले 18 दिसंबर को पूरी कर ली गई है लेकिन निविदाधारियों को वर्क आॅडर नहीं मिला है। पर्यावरण विभाग से स्वीकृति और माइनिंग प्लान बनने के बाद ही नए बंदोबस्तीधारी को बालू उठाव की अनुमति दी जाएगी। इसमें कई माह का वक्त लग सकता है।

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