नवादा टुडे डेस्क
कौआकोल में यूरिया खाद की कालाबाजारी इन दिनों चरम पर है। इसके कारण प्रखंड के किसानों को रबी की फसलों में खाद डालने में भारी परेशानी हो रही है। खुदरा व्यापारियों द्वारा यूरिया खाद का अभाव बता किसानों से खाद की मनमानी कीमत वसूलने का काम किया जा रहा है। कालाबाजारी के कारण किसान खुले बाजार से सरकारी मूल्य से 70 से 80 रुपये प्रति बैग अधिक मूल्य पर यूरिया खाद खरीदने के लिए विवश हो रहे हैं।
जिससे प्रखंड के किसानों में व्यवस्था के प्रति काफी आक्रोश है। किसान रौनक कुमार, रामानुग्रह सिंह, हरि यादव,इसराइल मियां, राजाराम पासवान, रामाशीष यादव,विनोद सिंह, प्रमोद सिंह,इन्द्रदेव मांझी आदि ने बताया कि व्यवस्था की कुआलम के कारण इन दिनों किसानों को 290 की जगह 370 व 380 रुपये प्रति बैग यूरिया खरीदने पड़ रहे हैं।
किसानों ने बताया कि 50 किलो की जगह अब मात्र 45 किलो के ही बैग में यूरिया आ रहा है और ऊपर से उसकी कीमत में भी मनमानी वृद्धि कर किसानों से वसूला जा रहा है। लोगों ने कहा 50 किलो बैग वाला यूरिया का दाम 295 से 310 तक ही हुआ करता था पर अब 45 किलो बैग का यूरिया 370 से 380 में मिल रहा है।
किसानों ने बताया कि प्रखंड की भलूआही बाजार से 290 की जगह 370 और 380 रुपये तथा गोलाबड़राजी एवं रानीबाजार, कौआकोल तथा फुलडीह में 310 से 320 रुपये प्रति बैग यूरिया खाद कालाबाजारियों द्वारा बेचने का काम किया जा रहा है।और प्रशासन मूकदर्शक बन तमाशबीन बनी हुई है।प्रखंड के किसानों ने डीएम का ध्यान आकृष्ट कराते हुए यूरिया की कालाबाजारी पर रोक लगाने व कालाबाजारियों के विरुद्ध कार्रवाई किये जाने की मांग की है।





















































































































