नवादा टुडे डेस्क
नवादा एक तरह ठंड जहां लोगों की हाड़ कंपा रहा है तो दूसरी तरफ मुंह को लाली देने वाली वाली पान की हरियाली में आग लगा रही है। पान किसानों की माने तो दो सप्ताह से चल रही शीतलहरी ने जिले के किसानों का करीब डेढ़ करोड़ से ज्यादा का मगही पान तबाह कर दिया है। पान की खेती में गंभीर झुलसा रोग लग गया है और पिछले 15 दिन के ठंड और कोहरे से पान 80 फीसदी पत्ते जल गए हैं।
पाला मारने से प्रभावित पान का एक चौथाई पत्ता प्रतिदिन बरैठा में गिर जा रहा है। जिले के पान किसानों ने सीएम को चिठ्ठी लिखकर क्षतिपूर्ति की मांग की है। मगही पान उत्पादक समिति के अध्यक्ष उमेश चौरसिया ने बताया कि जिले के विभिन्न गांवों के 2100 किसानों ने इस साल करीब 800 एकड़ में पान की खेती की है। ठंड की वजह से इनकी 80 फिसदी से ज्यादा फसल खराब हो गई है । उमेश चौरसिया के मुताबिक करीब डेढ करोड़ रुपए की क्षति का अनुमान है ।
उन्होंने बताया कि जिले के हिसुआ के तुंगी, मंझवे ,बेलदारी, रामनगर, डफलपुरा, ढेवरी , कैथिर, नारदीगंज के हंडिया , पचिया, पकरीबरावां के छतरवार, डोला, काशीचक के नया डीह, रोह प्रखंड के पचिया ,कौवाकोल के ईंटपकवा, बड़राजी, आदि गांवों के किसानों की फसल खराब हुई है । इन गावों का स्थल निरीक्षण कर क्षति का आकलन किया जाए और क्षतिपूर्ति की जाय। 85 किसानों ने भेजा आवेदन जिले के 85 पान किसानों ने आवेदन देकर मुआवजा मांगा है।
आवेदन के अनुसार उमेश चौरसिया ने 8 कठ्ठा , राजेंद्र प्रसाद ने 6 कट्ठा देना प्रसाद चौरसिया ने 19 कट्ठा संजय कुमार ने 21 कट्ठा राजेंद्र चौरसिया ने 22 कट्ठा, सुरेंद्र कुमार ने 25 कट्ठा , मुंशी चौरसिया ने 14 कट्ठा, राम जी चौरसिया ने 14 कट्ठा, देव आनंद चौरसिया 15 कठ्ठा, सत्येंद्र प्रसाद ने 24 कट्ठा ,अरुण चौरसिया ने 14 कट्ठा उपेंद्र कुमार ने 11 कट्ठा, विनोद चौरसिया ने 15 कट्ठा, विपिन कुमार ने 13 कट्ठा ,अरुण चौरसिया में 14 कट्ठा, रामेश्वर चौरसिया ने ,7 कट्ठा, आदित्य चौरसिया ने 10 कट्ठा फसल लगाया था। इनकी ज्यादतर फसल बर्बाद हो गई।
लगा झुलसा रोग उमेश चौरसिया ने बताया कि कड़ाके की ठंड के कारण फसल में झुलसा रोग लग गया है। झुलसा रोग के कारण करीब पान के फसल का बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। पान के पत्ते झुलसा रोग के कारण पीले पड़ गए हैं। 2018 में भी इसी तरह का रोग लगा था और किसानों को भारी क्षति हुई थी। पानी की खेती में अधिक पूंजी लगती है। सरकार मुआवजा दें नहीं तो अगले बार खेती नहीं हो पाएगी। अनुदान नहीं मिलने से बदहाल हैं पान किसान भाजपा नेता नंदकिशोर चौरसिया ने बताया कि पान किसानों को 2013 से लेकर 2015 तक सरकार द्वारा अनुदान दिया गया।
इससे पान किसानों को राहत मिली थी। अब सरकार की ओर से अनुदान नहीं मिल पा रहा है । गर्मी, सर्दी और बरसात तीनों मौसम में पान किसानों को भारी छति होती है। अनुदान नहीं मिलने के कारण पान किसानों को आर्थिक बदहाली का शिकार होना पड़ रहा है। पौधा संरक्षण का कोई लाभ नहीं पाले लगकर पत्तों के गिरने की बिमारी से पान की खेती करने वाले किसानों की नींदें उड़ा दी है। पान किसान खेत पर जाकर माथा ठोक रहें हैं। किसान फसल बचाने के लिए अब भी जद्योजहद कर रहें हैं। पान पर ठंढ का प्रभाव नहीं पड़े इसके लिए बरैठे को फिर से दुरूस्त किया जा रहा है। फसलों को नुकसान से बचाने के लिए सरकार द्वारा पौधा संरक्षण का प्रावधान किया गया है। लेकिन पान की फसल को बचाने के लिए धरातल पर कुछ भी होता नहीं दिख रहा।



















































































































