नवादा टुडे डेस्क
अकबरपुर प्रखंड के बड़ैल पंचायत में चल रही सात निश्चय योजना के काम की गति काफी धीमी है। इसका नतीजा है कि आए दिन मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना से वार्डों में कराए जा रहे कार्य में घोर अनियमितता की शिकायत मिल रही है। लेकिन अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। सात निश्चय योजना में अनियमितता को लेकर प्रखंड कार्यालय अकबरपुर में दर्जनों आवेदन पड़े हैं। बावजूद अधिकारी कार्रवाई को लेकर सुस्त नजर आते हैं। वार्ड 6 लोगों के अनुसार इसका कारण योजना में व्याप्त कमिशनखोरी है।
क्षेत्र में विकास के नाम पर सरकारी खजाने की बंदरबांट हो रही है। प्रखंड के कुछ वार्ड प्रतिनिधियों ने बताया सात निश्चय योजना अंतर्गत एक काम करने में प्राक्कलन राशि के तकरीबन 35 प्रतिशत राशि कमीशन चुकाने में ही खप जाती है। बचे पैसे से अभिकर्ता काम करने के साथ-साथ अपना भी मुनाफा ढूंढने लगे तो बेहतर काम की कल्पना भी करना बेमानी है।
इसी वजह से बडैल पंचायत वार्ड 6 में अभी भी सात निश्चय योजना के कार्य बाधित हैं। कई जगहों पर काम शुरू भी हुआ तो कमिशन के चक्कर में अब तक लटका हुआ है। 40प्रतिशत राशि नही भेजा गया है। वार्ड सदस्य धर्मेंद्र सिंह ने बताया 60 प्रतिशत काम करा करके मास्टर रोल भी बुक करा दिया गया लेकिन मुखिया निकु सिंह के मनमानी के कारण राशि नही भेजा जा रहा है।





















































































































