पोर्न साइट के विरूद्ध अभियान में शामिल हुए कोचिंग संचालक, कहा भारत की संस्कृति को दुनिया अपना रहा

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नवादा टुडे
 पोर्न के खिलाफ शुरू किए गए का अभियान धीरे धीरे आकार लेता जा रहा है। महिला सोशल वर्कर्स, अधिवक्ताओं के बाद अब कोचिंग संचालकों ने भी हिस्सा लिया है। शुक्रवार को दैनिक भास्कर कार्यालय में प्राइवेट इंस्ट्रीच्यूट वेलफेयर एसोशिएशन पीवा, नवादा के तत्वावधान में नितेश कपूर की अध्यक्षता में चर्चा की गई। कार्यक्रम का संचालन अशोक प्रियदर्शी ने किया। इसमें दैनिक भास्कर के इस अभियान की तारीफ की गई है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भारत की गौरवशाली संस्कृति रही है। इसका अनुकरण दुनिया के देश करता रहा है। लेकिन भारत अपनी संस्कृति को छोड़कर पोर्न संस्कृति की ओर बढ़ रहा है। यह देश और समाज के लिए चिंता का विषय है।

भारत की छवि को बचाने का अनूठा पहल
बुद्ध का संदेश आज भी दुनिया को राह दिखा रही है। दुनिया में भारत का अनुकरण किया जाता है। दूसरी तरफ, भारत दुनिया की बुराइयां को सामने ला रही है। भास्कर का यह अनूठा सामाजिक पहल है। यह समाज को बचाने में कारगर पहल साबित होगा। ताकि दुनिया में भारत की छवि बरकरार रह सके।
-राज आर्यन, भाभा कोचिंग सेंटर। नवादा। फोटो-101


फांसी की सजा होनी चाहिए
पोर्न साइटस और अश्लीलता बढ़ाने संबंधी माध्यमों को रोक लगानी चाहिए। इसे संचालन करनेवाले और उपयोग करने वालों के लिए फांसी जैसी सजा का प्रावधान किया जाय। इस मनोरोग से बचने के लिए अभिभावकों को सजग होना चाहिए। बच्चों को भी कम से कम मोबाइल उपयोग करे यह सुनिश्चित करें।
अमरदीप सिन्हा, ए वन कंपीटिशन, नवादा, फोटो-102

कानून के साथ जागरूकता जरूरी
पोर्न साइटस को अविलंब बंद किया जाना चाहिए। लेकिन समाज को मानसिक विकृति से बचाने के लिए यह काफी नही है। क्योंकि बलात्कार को रोकने के लिए फांसी की सजा का प्रावधान किया गया। फिर भी बलात्कार हो रहे हैं। इसलिए जागरूकता जरूरी है।
-आकाश कुमार, किड्स गार्डेन, नवादा। फोटो-103

अश्लीलता में प्रतिस्पद्र्धा शर्म की बात
     किसी प्रतिस्पर्धा में अच्छा आते हैं तो हमारा सीना गर्व से चैड़ा हो सकता है। लेकिन पोर्न साइट्स देखने के मामले में दुनिया में भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया है यह शर्म की बात है। पोर्न साइटस ही नही अश्लील विज्ञापनों के कारण भी मानसिक विकृति बढ़ रही है। ऐसे चीजों पर नियंत्रण के लिए मोबाइल पर अंकुश लगाना उचित नही होगा। पोर्न साइटस और अश्लील विज्ञापन पर भी रोक लगनी चाहिए।
-नितेश कपूर, फिजिक्स क्लासेस सह अध्यक्ष, पीवा। नवादा, फोटो-104


पोर्न साइटस का असर सिर्फ बच्चों तक सीमित नही है। युवा और अधेड़ तक को प्रभावित किया है। भारतीय दूसरे देशों की संस्कृति को नकल करने के चक्कर में अपने मूल संस्कृति को भूल रहे हैं। इसके लिए समाज और सरकार दोनों जिम्मेवार है। यौन कंुठाओं से बचाने के लिए सेक्स एजुकेशन शुरू की जानी चाहिए।
-केएन सिंह, बायोलाॅजी क्लासेस सह सचिव, पीवा, नवादा, फोटो-105




पहले के सिलेबस में नैतिक शिक्षा अहम विषय हुआ करता था। लेकिन अब नैतिक शिक्षा गायब कर दिया गया है। सरकार को बच्चों के सिलेबस में नैतिक शिक्षा जोड़नी चाहिए। यही कारण है कि लोग सभ्यता और संस्कृति के बजाय पोर्न साइटस ढूढने लगे हैं।
-मनीष कुमार, ए टू जेड केमेस्ट्री प्वाइंट। नवादा। फोटो-106


100 में 90 के पास मोबाइल
देखा जाय तो 100 में से 90 बच्चों के पास अपना मोबाइल है। पढ़ाई की राह कठिन है। लिहाजा, बच्चे आसान राह ढूढते हैं। मोबाइल में पोर्न जैसे ऐसे ही आसान राह है, जो उन्हें कम उम्र में पौढ़ बना दे रहे हैं। लिहाजा, वह मानसिक और यौन विकृति का शिकार हो रहे हैं।
पियूष रंजन, जीनियस क्लासेस, नवादा, फोटो-107

डेटा सस्ता होने के कारण बच्चों के हाथों तक स्मार्ट फोन पहुंच गया है। स्मार्ट फोन में पोर्न साइटस से अश्लील संदेश के बाद बच्चों के मनोस्थति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसकी वजह है छोटे बच्चों का व्यवहार पौढ़ जैसा होने लगा है। व्यभिचार बढ़ा है।
-राजेश कुमार, चाणक्य कंपीटिशन, नवादा, फोटो-108

घर घर में प्रवेश कर गया पोर्न साइटस
पोर्न साइटस मोबाइल के जरिए हर घर में प्रवेश कर गया है। इससे कोई भी अछूता नही है। पोर्न साइटस पूरी तरह से बंद होनी चाहिए। जिस तरह सीएए और एनआरसी लागू करने में सख्ती दिखा रही है उसी तरह इसे बंद करने में भी सख्ती दिखाए।
-सुशील कुमार प्रिंस, बायो प्वांट,नवादा। फोटो-109

भास्कर अभियान से जुड़ेंगे 200 कोचिंग संस्थान
     भास्कर का यह अभियान समाज को बर्बाद होने से बचाएगा। पीवा भी भास्कर के इस अभियान को आगे बढ़ाएगा। पोर्न साइटस पर प्रतिबंध के साथ जागरूकता जरूरी है। इस लिए इस अभियान के समर्थन में जिले के 200 कोचिंग संस्थानों के जरिए हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। बच्चों को नैतिक और यौन शिक्षा दिया जा सके ताकि वह इस रोग से बच सके। बच्चों के सिलेबस में नैतिक शिक्षा थी, लेकिन अब गायब हो गया है।
उत्पल भारद्वाज, गुरूकुल पाठशाला सह प्रवक्ता, पीवा। नवादा, फोटो-110




न्यायपालिका को भी आगे आना चाहिए
– सरकार कभी कभी अहम फैसले किसी के दबाव में नही ले पाती है। लेकिन देश और समाज हित में न्यायपालिका बड़े बड़े फैसले लेती रही है। समाज में फैल रही यौन विकृति से बचाने के लिए न्यायपालिका को भी पहल करनी चाहिए। यह पूरे देश की संस्कृति का सवाल है।
-रंजन कुमार, सुपरफास्ट इंगलिश क्लासेस, नवादा, फोटो-111


देश और समाज पाॅजिटिव थीकिंग से आगे बढ़ रहा है। लेकिन पोर्न साइटस जैसे माध्यम निगेटीव थीकिंग की ओर समाज को ढकेल रहा है। समय रहते इसपर अंकुश लगाने की जरूरत है। इसके लिए भी देश व्यापी  अभियान शुरू किए जाने की जरूरत है।
-सुमित कुमार, खन्ना स्पोकन, नवादा। फोटो-112

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