नवादा टुडे डेस्क
नवादा जिला में दो ऐसा गांव जहां की आज तक मरीजों के बीच एंबुलेंस भी पहुंचना मुश्किल हो रही है। जिला के नारदीगंज प्रखंड मुख्यालय से 16 किलोमीटर की दूरी पर बनगंगा से पूरब दिशा में नवादा और नालंदा की बॉर्डर पर बसी है । मधुबन और मोतनाजे गांव के एक तरफ नदी और दूसरी तरफ पहाड़ होने के कारण गांव तक सड़क नसीब नहीं है।
मौजूद अर्जूण यादव, विंदा यादव, वैसाखी मांझी, जगदीश, परियाग, मुंशी, कमलेश, राजेन्द्र, विलास आदि ग्रामीणों के द्वारा बताया जाता है कि जिला का विचित्र यह दो गांव है। जो कि अगर ड्रोन कैमरा से तस्वीर लिया जाए तो उस तस्वीर से ही समझ में आ जाएगा कि यह एक टापू इलाका है।
ग्रामीणों की सरकारी सुविधा के लिए एक उप स्वास्थ्य केंद्र तक नसीब नहीं है। स्थिति यह है कि ग्रामीणों के बीच मरीज तक एंबुलेंस नहीं पहुंचने के कारण गांव के 80 प्रतिशत महिला का प्रसव गांव में ही कराया जाता है। 20 प्रतिशत महिला ज्यादा सीरियस होने पर नदी के पार कुझा गांव में एंबुलेंस बुलाकर और खटिया के सहारे मरीज को एंबुलेंस तक ले जाते हैं तब उनकी इलाज जाकर अस्पताल में होता है।
बताया जाता है कि जब नदी में पानी होती है तो नदी से होकर गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति में मरीज को खटिया के सहारे पहाड़ के नीचे नीचे कंकड़ीले और पथरीले रास्ते के माध्यम बनगंगा तक ले जाते हैं और एंबुलेंस को बुलाकर इलाज के लिए समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारदीगंज ले जाया जाता है।






















































































































