नक्सली संगठन के नाम पर 10 लाख रुपए रंगदारी मांग रहे अपराधियों ने फायरिंग कर की किशोर की हत्या

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PIYUSH-File Photo

नवादा टुडे डेस्क

डेढ़ महीने से नक्सली संगठन के नाम पर दस लाख रुपए रंगदारी मांग रहे अपराधियों ने मंगलवार की देर रात दो बजे व्यवसायी के घर पर फायरिंग कर 13 साल के किशोर की हत्या कर दी। मृत छात्र डीपीएस नवादा में सातवीं का छात्र था। छुट्टी में घर आया था। वारदात गोविंदपुर थाना के थाली बाजार में हुई। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

पहली बार 26 दिसंबर को मांगी थी रंगदारी

परिजनों के मुताबिक अपराधियों ने पहली बार 26 दिसंबर को रंगदारी मांगी थी। फिर एक महीने बाद 29 और 30 जनवरी को बदमाशों ने रंगदारी नहीं देने पर जान मारने की धमकी थी। इस तरह घटना की रात तक कुल पांच बार डरावनी कॉल आईी। परिजनों के अनुसार उन्हेंं लगातार धमकी मिल रही थी यहां तक कि घटना के दिन भी अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी। सूचना होने के बाद भी पुलिस नहीं चेती। नतीजा हुआ कि अपराधियों ने मंगलवार की रात करीब दो बजे घर पर निशाना साधकर फायरिंग शुरू कर दी।

गोलियों की आवाज सुनकर शिक्षक रतन साव का बेटा रिद्धेश्वर राय उर्फ पीयूष ग्रिल से झांकने लगा, इसी बीच गोली उसके सिर में लग गई। मृत छात्र के चाचा गोपाल साव ने बताया कि हमारे परिवार से पिछले कई दिनों से दस लाख की मांग की जा रही थी। रंगदारी नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही थी। धमकी देने वाला धर्मवीर नाम का शख्स खुद को पीएलएफआई संगठन का जाेनल कंमाडर बता रहा था।

भय से रातजगा कर रहा था परिवार
परिजनों ने बताया कि लगातार धमकी मिलने के कारण परिवार के सारे लोग रातजगा कर रहे थे। रात करीब दो बजे फायरिंग होने के बाद पीयूष जैसे ही बाहर ग्रिल के पास झांकने गया उसे गोली मार दी गई। गोली उसके सिर में लगी और वह वहीं गिर पड़ा। चीख सुनने के बाद परिवार के लोग जबतक दौड़े तब-तक वह दम तोड़ चुका था। अपराधी फरार हो चुके थे।


पांच दिन तक टालने के बाद हुई एफआईआर
गोविंदपुर के थाली बजार में हुई हत्या के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। परिजनों के मुताबिक गोविंदपुर पुलिस मामले को लेकर कभी गंभीर नहीं हुई। वह मामले काे टालने में लगी थी। 29 तारीख को धमकी मिलने के बाद गोविंदपुर थाने को सूचना दी गई थी। इसके बाद भी पांच दिनों तक मामले को टाला गया। बाद में पीड़ित ने एसपी से मिलकर गुहार लगाई तो एसपी के थानाध्यक्ष को इस मामले को गंभीरता से लेने के निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस थोड़ी सक्रिय हुई लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
मोबाइल बंद रखने की सलाह

बताया जा रहा है कि धमकी मिलने के बाद पुलिस व्यवसायी को मोबाइल बंद कर लेने की सलाह दे रही थी। इतना ही नहीं पीड़ित व्यवसायी के बार-बार आग्रह के बाद भी पुलिस ने धमकी भरे काॅल को ट्रेस करवाने की कोशिश नहीं की। जबकि अपराधी ने रविवार को लगभग 45 मिनट तक बात की थी। इस दौरान थानाध्यक्ष को सूचना दी गई तो उन्होंने तकनीकी दिक्कत की बात कहकर मामले को टाल दिया। परिजनों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों से ऐसा लगता है कि पुलिस मामले को लेकर गंभीर नहीं थी और वह इस मामले की तह तक जाने के बजाए इसे टालने का प्रयास कर रही थी।

थाने का चक्कर लगाता रहा व्यवसायी
गोपाल साव ने बताया कि पहले 29 जनवरी को और फिर दो फरवरी को परिवार वालों के साथ गोविंदपुर थाना पहुंचकर सूचना दी। लेकिन थाना प्रभारी ने गोपाल साव को मोबाइल को स्विच ऑफ करने की सलाह दे दी। लागातार धमकी मिलने के बाद तीन फरवरी फिर थाना प्रभारी धीरज कुमार से मिलकर सुरक्षा की मांग की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।


छात्र की हत्या के विरोध में सड़क जाम
छात्र की हत्या के विरोध में स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजनों ने पीयूष कुमार के शव को उठाकर अपने घर के बाहर चबूतरा पर रख दिया। गोविंदपुर- थाली -फतेहपुर रोड को घंटों जाम कर दिया। जाम कर रहे लोगों ने अपराधियों को गिरफ्तारी करने तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा की मांग की ।

एसपी के आश्वासन के बाद हटा जाम
घटना की सूचना मिलते के बाद एसपी हरिप्रसाथ एस दल -बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर जाम हटाया। अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद जाम को हटाया जा सका। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नवादा भेज दिया गया। मौके पर डीएसपी संजय कुमार, बीडीओ कुंज बिहारी सिंह, सीओ शैलेन्द्र कुमार, थाना प्रभारी धीरज कुमार आदि मौजूद थे ।

GHATNASTHAL KI JANCH KARTE SP HARI PRSATH S

पीयूष में थे लीडरशीप के गुण , इसलिए बनाया गया था क्लास माॅनिटर


गोविंदपुर के थाली बाजार में हुए हमले में मारा गया पीयूष नवादा स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के सातवीं का छात्र था। पीयूष की गिनती अच्छे स्टूडेंट के रूप में होती थी। उसके भीतर बेस्ट लीडरशीप के गुण थे इसलिए उसे क्लास 7 बी का माॅनीटर भी बनाया गया था। स्कूल के सातवीं के ही छात्र कुमार अमृतम ने बताया कि वह पीयूष काफी शालीन और चंचल स्वभाव का था। क्लास में उसका किसी के साथ मनमुटाव भी नहीं होता था। वह काॅफी कोऑपरेटिव था और क्लास में दूसरे की मदद के लिए तैयार रहता था।

धमकी से अंजान पीयूष की मौत के साथ ही धरासाई हो गया रामरतन का सपना

THALI-GHATNASTHAL KE SAMIP BHID


फायरिंग में मारा गया पीयूष शिक्षक रामरतन का इकलौता वारिस था। वह परिवार को मिल रही धमकियों से अंजान था। उसकी मौत के साथ ही पिता का सपना भी धराशाई हो गया। घर के होनहार बेटे की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में है। इस घटना के बाद पिता रामरतन लाल, मां सुनीता देवी, बहन शिवानी, सविता तथा चाचा गोपाल साव का बुरा हाल हो गया। मां और बहन बार-बार बेहोश हो रही थीं। छात्र की मौत की खबर सुनकर उसके स्कूल के निदेशक शशिभूषण प्रसाद के साथ ही पूरा स्कूल परिवार थाली पहुंच गया। मृतक के पिता शिक्षक भी है इसलिए घटना के बाद प्रखंड के सभी शिक्षक भी घटनास्थल पर पहुंचे। शिक्षक संघ के अध्यक्ष अजीत कुमार रावत ने बताया पुलिस जानकारी रहते हुए भी पीड़ित परिवार को बचा नहीं पाई। तेली समाज के नेता राजीव कुमार बॉबी ने मृतक के परिवार को नौकरी और 10 लाख रुपए मुआवजे देने की मांग की। राजद के प्रखंड अध्यक्ष और मुखिया अशोक यादव ने अपराधियों के जल्द गिरफ्तारी करने की मांग की।

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