गबन के आरोपी जिले के पांच मुखिया पर गिरी बड़ी गाज, हटाए गए

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नवादा टुडे डेस्क

नवादा सात निश्यच योजना की राशि के बंदरबाट किए जाने के आरोप प्रमाणित हो जाने के बाद पंचायती राज विभाग ने जिले के 5 मुखिया को पद से हटा दिया है। इनमें नारदीगंज के दो, नरहट के एक तथा अकबरपुर के एक पंचायत के मुखिया शामिल हैं। बता दें कि अनियमितता का मामला सामने आने के बाद जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006 की धारा 18 (05) के अधीन कार्रवाई करने की अनुशंसा की थी।

इसी अनुशंसा के आलोप में आरोप सही पाए जाने पर राज्य सरकार ने सभी 5 मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की है। सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि जिलाधिकारी से प्राप्त अनुशंसा की समीक्षा में आरोप प्रमाणित हो जाने के उपरांत बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 की घारा 18(5) के तहत इन्हें पदच्युत किया गया है।

जिन पांच मुखिया को हटाया गया है उनमें अकबरपुर के माखर पंचायत की मुखिया सहिमा खातुन, नारदीगंज के ओड़ो पंचायत की मुखिया मिनता देवी, हडिया पंचायत के मुखिया प्रमोद कुमार, कहुआरा पंचायत के मुखिया राकेश कुमार तथा नरहट की मुखिया उर्मिला देवी शामिल हैं। कैसे हुई गड़बड़ी बताया जाता है कि सात निश्चय योजना मद में उपलब्ध कराई गई राशि को वार्ड क्रियान्वयन व प्रबंधन समिति के खाते में मुखिया को हस्तांतरित करना था।

आरोपी मुखिया ने ऐसा न कर सचिव की मिलीभगत से राशि की निकासी करा ली। मामला प्रकाश में आने के बाद संबधित प्रखंडों के बीडीओ ने मुखिया को राशि खाते में जमा कराने को कहा था। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इसके बाद विभाग एक्शन में आया और सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया।

हंडिया के मुखिया पर सबसे ज्यादा गबन का आरोप नारदीगंज प्रखंड के हंडिया पंचायत के मुखिया प्रमोद कुमार पर 85 लाख 78 हजार 100 रुपये, ओड़ो पंचायत मुखिया मिनता देवी पर 03 करोड़ 95 लाख 50 हजार 238 रुपये, अकबरपुर प्रखंड के माखर पंचायत की मुखिया शहिमा खातून पर 66 लाख 60 हजार रुपये व नरहट प्रखंड के नरहट पंचायत की मुखिया उर्मिला देवी पर 61 लाख 61 हजार रुपये गबन का आरोप है।

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