अशोक प्रियदर्शी
लोकसभा चुनाव 2019 में नवादा संसदीय सीट उम्मीदवारी को लेकर हाॅट सीट बन गया है। एक तरफ केन्द्रीय मंत्री और भाजपा सांसद गिरिराज सिंह को शिकस्त देने के लिए विरोधी पक्ष की ओर से कई लोग अभी से जोर अजमाइस कर रहे हैं। दूसरी तरफ, पिछले एक माह से गिरिराज सिंह के टिकट को लेकर असमंजस्य की स्थिति बन गई है।
देखें तो, विगत एक माह से गिरिराज सिंह तीन दफा नवादा दौरे कर चुके हैं। लेकिन वह औपचारिक कार्यक्रम में शिरकत कर निकल ले रहे हैं। अपने बयानों के कारण चर्चित रहनेवाले गिरिराज सिंह बचते बचाते निकल जा रहे हैं। इसके बाद से यहां से टिकट कटने की चर्चा तेज हो गई है।
दरअसल, भाजपा-जदयू के 17-17 सीटों के साझीदारी के बाद लोजपा के छह सीटों पर दावे के बाद से ऐसी असमंजस्य की स्थिति बनी है। जाहिर तौर पर भाजपा को पांच जीती सीटें छोड़नी है। लोजपा की मुंगेर सीट जदयू चाहती है। इसके बदले में लोजपा नवादा सीट पर दावा कर रही है। लिहाजा, गिरिराज सिंह के सीट को लेकर संशय की स्थिति बन गई है।
देखें तो, जदयू नवादा सीट पर नजर रख रही है। पिछले दिनों सीएम को एक दिन में तीन दिवसीय दौरा को लोग उसी से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन गिरिराज सिंह का संसदीय सीट उम्मीदवारों के लिए हाॅट सीट बना है। दरअसल, नवादा सीट बाहरी उम्मीदवारों के लिए वरदान साबित होता रहा है। लिहाजा, बाहरी लोग भाग आजमाते रहे हैं। इसका मजबूत पक्ष यह है कि जिला बनने के बाद बाहरी उम्मीदवार में कुंवर राम को छोड़कर दोबारा कोई नही जीता। वह भी इंदिरा गांधी की मौत के बाद सहानुभूति लहर थी। वैसे में गिरिराज के लिए बेगूसराय सीट भी खूब चर्चा है। दरअसल, 2009 में लोजपा से सुरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी चुनाव लड़ी थी, लेकिन तीसरे स्थान पर रही थी।
विरोधी खेमे की लंबी लिस्ट
देखें तो, दूसरी तरफ गिरिराज सिंह को शिकस्त देने के लिए विरोधी खेमे के दर्जनों नेता कवायद शुरू कर दिया हैै। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा, हम से महाचंद्र प्रसाद सिंह, पूर्व मंत्री अनिल कुमार, रालोसपा से सांसद अरूण कुमार, राजद से सुरेंद्र यादव सरीखे कई लोगों के नजर नवादा सीट पर है।
स्थानीय स्तर पर महागठबंधन से कांग्रेस से पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार, मुकेश दिनकर, नीतू देवी, निवेदिता सिंह, अखिलेश सिंह, जबकि राजद की ओर से राजबल्लभ यादव के परिवार का नाम भी विपक्षी खेमे से है। दूसरी तरफ, गिरिराज सिंह को घर का बेटा और घर का नेता के सवाल पर पार्टी के अंदर से आवाज उठती रही है। विधायक अनिल सिंह समेत कई लोग अपनी दावेदारी करते रहे हैं।



















































































































