नवादा टुडे डेस्क
नवादा मंगलवार की आधी रात को प्रभु यीशु के जन्म के साथ ही जिले में क्रिसमस शुरू हो गया। आज दिनभर लोग क्रिसमस के उमंग में डूबे रहेंगे। इस दौरान पार नवादा स्थित चर्च और ईसाई धर्मावलंबियों के घर केरोल गायन से गूंज रहें है। इससे पहले मंगलवार की देर रात 12 बजते ही गौशाले में यीशु का जन्म हुआ। यीशु के जन्म होते ही लोग श्रद्धा भाव में डूबकर प्रार्थना करने लगे। फादर ने बताया कि मंगलवार की रात प्रभु यीशु के जन्म के बाद लोगों ने गाने गाए, नाचे और सभी को बधाईयां दी।
प्रभु यीशु शांति, भाईचारा और बलिदान के प्रतीक है इसलिए इस पर्व के अवसर पर हम पूरे विश्व मे शांति,अमन और चैन के लिए प्रार्थना करते हैं। प्रभु यीशु सभी से आपसी भाईचारा का संदेश पूरे विश्व को दिए थे। बदले की भावना को छोड़कर दुश्मन को भी अपनाने का संदेश प्रभु यीशु ने दिया था। प्रार्थना में फादर ने प्रभु यीशु के संदेश को लोगों के बीच सुनाया। आज क्रिसमस के मौके पर चर्च में काफी भीड़ देखने को मिलेगी। इसके मद्देनजर प्रशासन के तरफ से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है।
मानव कल्याण के लिए हुआ प्रभु यीशु का जन्म हिसुआ में थाॅमस इंग्लिश स्कूल के निदेशक थाॅमस अब्राहम ने बताया कि प्रभु यीशु का जन्म मानव कल्याण के लिए हुआ था। आज उनके जन्मोत्सव के बाद लोगों ने खुशियां मनाई। सभी ने एक दूसरे को बधाई दी। प्रभु यीशु ने शांति, भाईचारा और प्रेम का संदेश दिया। इसलिए इस पर्व के अवसर पर पूरे विश्व मे शांति, अमन और चैन के लिए प्रार्थनाएं होती है। यीशु ने हमेशा ही दया, करूणा और प्रेम करने का संदेश दिया। इसके जरिये ही समूचा विश्व खुशहाल रह सकता है। उन्होंने कहा कि प्रेम सबसे बड़ी चीज है।
इससे हम एक दूसरे के प्रति विनम्र रहते हैं। सुबह मिस्सा पूजा के बाद खुलेगा चर्च रात में प्रभु यीशु के जन्म के बाद आज क्रिसमस मनाया जाएगा। आज चर्च परिसर में पहली मिस्सा पूजा सुबह में होगी। इस पूजा के दौरान काफी संख्या में लोग प्रभु यीशु के पास अपनी क्षमा याचना करेंगे। क्रिसमस के दिन पहली मिस्सा पूजा होने के बाद लोगों के लिए चर्च का प्रवेश द्वार खोल दिया जाएगा। इसके बाद रात में प्रभु के जन्मोत्सव पर धूमधाम से क्रिसमस का पर्व मनाया जाएगा। पार नवादा स्थित चर्च में बड़ा मेला लगेगा।




















































































































