नवादा टुडे डेस्क
नवादा शुक्रवार को पौष पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओ ने भक्ति भव से स्नान-दान किया। हजारें लोग पवित्र स्नान के निलए राजबीर, सिररिया घाट और प्रयागराज के लिए रवाना हुए। दस दौरान जिले के सैकड़ों घरों में भगवान सतयनारायण की पूजा-अर्चना भी की गई। घरों में के साथ-साथ श्रवण कर भजन कीर्तन कर भगवान की अराधना की गई।
नरहट के दौलतपुरा निवासी रामानुज सिंह ने बताया कि पौश पूर्णिमा पर भगवान सम्यनरायण की पूजा काफी महत्व रखती है। शुक्रवार की सुबह जिले का तापमान 10 डिग्री से भ्ी नीचे था। इसके बाद भी कड़ाके की ठंड पर आस्था भारी पड़ी और लोगों ने सुबह में स्नान के साथ्ज्ञ दिन की शुरूआत की। बतजा दें कि पौष पूर्णिमा को हिन्दू कैलेंडर में सबसे पवित्र दिनों में से एक माना जाता है।
पंडित विद्याधर शास्त्री कहते हैं कि पौष पूर्णिमा के दिन देशभर के हिन्दू श्रद्धालु गंगा, यमुना आक्र सरस्वती के पावन संगम प्रयागराज पर स्नान के लिए एकत्र होे हैं। मान्यता है कि आज के दिन विधि पूर्वक स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। यहां तक यदि किसी ने पूर्व जन्म में भी भूल से कोई पाप किया है तो उसका पाप नष्ट हो जाता है। और मोक्ष प्राप्त होता है। जो लाक प्रयागराज नहीं ना पाते वे अपने घर में ही भगवान को ध्यान कर स्नान करते हैं।
आज से पवित्र माघ मास की शुरूआत
आज से पवित्र माघ माह की शुरूआत हो गई है। माघ महीने में कल्पवास गंगा स्नान और संगम स्नान का विशेष महत्व है। इस पवित्र महीने की शुरूआत हमेशा भगवान माधव को प्रणाम कर की जाती है। पंडित विद्याधर शास्त्री कहते हैं कि माघ माह में स्नान दान से दुनिया के सभी देवी देवता आशीष देते हैं। माघ महीने में स्नान का पूरा पुण्य मंदिर दर्शन के बाद ही मिलता है।




















































































































