नवादा टुडे डेस्क
-एनएच-31
को पटना-रांची मार्ग के बख्तियारपुर से रजौली तक 2019 में फोर लेन निर्माण का काम शुरू किया जाना था। पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव और नवादा के सांसद रहे गिरिराज सिंह ने बाइपास के समीप शिलान्यास किया था।
फिर भी फोरलेन का काम नही शुरू हो सका। दूसरी तरफ, एनएच-82 बोधगया-राजगीर पथ को जनवरी 2020 तक फोर लेन का काम पूरा किया जाना था। लेकिन नही हो सका।
नही हुआ ककोलत का कायापलट
-ककोलत को बिहार का कश्मीर कहा जाता है। यह पुरातात्विक और पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। 30 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ककोलत पहुंचे थे तब उसके विकास की घोषणा की गई थी। घोषणा के मुताबिक, ककोलत तक पहुंचने के लिए रोपवे का निर्माण, 11 एकड़ में पर्यटकीय सुविधाएं बनाने जैसी कई काम किया जाना है। लेकिन अबतक सीढ़ियों का निर्माण हो सका है।
नही मिला फलोराइड प्रभावित 90 गांवों को शुद्ध पानी
-नवादा के फलोराइड प्रभावित 90 गांवों को शुद्ध पानी दिया जाना अभी सपना ही बना है। 18 दिसंबर को सीएम नीतीश कुमार ने इसका उदघाटन किया। लेकिन अबतक सभी गांवों को पानी मिलना नही शुरू हुआ है। 18 सितंबर 2016 को 107 करोड़ की लागत से रजौली के फुलवरिया जलाशय में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की नींव रखी गई थी। तीन तिथियां बदली गई। फिर भी काम पूरा नही हुआ। इसके चलते शुद्ध पानी पीने से लोग वंचित हैं।





















































































































