नवादा टुडे डेस्क
वारिसलीगंज पीएचसी में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं द्वारा लगभग डेढ़ महीने तक कार्य बहिष्कार के कारण पीएचसी में सन्नाटा था। कार्य बहिष्कार की समाप्ति के बाद पहली बार गुरुवार को हुए गर्भवती माताओं का विशेष जांच शिविर में 350 गर्भवती माताओं की जांच की गई। जिसे बाद जरूरी दवाईयां दिया गया। शिविर का आयोजन नवनियुक्त प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आरती अर्चना के नेतृत्व में किया गया।
जबकि संचालन स्वास्थ्य कर्मचारी अरविंद कुमार शर्मा के द्वारा किया गया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती माताएं जांच करवाने एससी पहुंची। जिन्हें विभिन्न प्रकार की जांच के बाद चिकित्सा एवं दवाईयां दिया गया। इस दौरान अस्पताल में पदस्थापित चिकित्सक, एएनएम व आशा कार्यकर्ता मौजूद थी। करीब डेढ़ माह तक चली आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल के कारण अस्पताल में ग्रामीण इलाकों से मरीजो का आना काफी कम हो गया था।
पांच दिनों पूर्व जब जिलाधिकारी के अश्वाशन बाद आशा की हड़ताल समाप्त हुई तब फिर पूर्व की भांति अस्पताल में चहल पहल फिर बढ़ गई है। बता दें कि आशा कार्यकर्ता गांव में कार्यरत है और प्रति महीना गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में लगने वाले जांच शिविर में लेकर अस्पताल पहुंचती है। प्रभारी चिकित्सक श्रीमती अर्चना ने कही की सबसे पहले पीएचसी की रोगी कल्याण समिति की बैठक कर अस्पताल की आधारभूत संरचना को मजबूती प्रदान किया जाएगा।
ताकि इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को कोई परेशानी नहीं हो। शिविर में भीड़ अधिक होने के कारण खून जांच के लिए तीन काउंटर बनाया गया था। जबकि स्वयं प्रभारी समेत चिकित्सक डॉ धनंजय कुमार, डॉ धर्मेंद्र कुमार, डॉ अमित कुमार ने अलग अलग काउंटर लगाकर प्रसव संबंधी समस्याओं की जांचकर उचित दवा और सलाह दिया गया। मौके पर एएनएम गायत्री कुमारी, मंजू कुमारी, गीता कुमारी, सुशीला कुमारी प्रसव जांच में सहयोग की।





















































































































