नवादा टुडे डेस्क
वारिसलीगंज भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा लाॅंच किए गए चन्द्रयान 2 के चन्द्रमा पर लैंडिंग के वक्त ऐतिहासिक पल का गवाह नवादा की बेटी सौम्या भी बनी। प्रखंड क्षेत्र के बाली निवासी इंजीनियर रामनंदन शर्मा की पुत्री आठवीं कक्षा की सौम्या को प्रधानमंत्री के साथ शुक्रवार की रात्रि में चंद्रयान 2 मिशन को नजदीक से देखने का मौका मिला। ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए वह अपने पिता के साथ शुक्रवार की सुबह ही बेंगलुरु पहुंच गई है।
देश की ऐतिहासिक उपलब्धि का गवाह बनने से उत्साहित सौम्या ने बताया पहली खुशी तो यह थी कि प्रधानमंत्री देश को गौरान्वित करने वाले पल के लिए गवाह बनने का हमें भी मौका मिला। दूसरी खुशी इस बात से हुई की देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ चन्द्रयान 2 चन्द्रमा पर लैंडिंग व इसके बाद सेंटर में वैज्ञानिकों के उत्साह को अपनी आंखों से देखा। उसने कहा इससे पहले इसरो के बारे में किताबों में पढ़ा करता था।
किताबों में और टेलीविजन में इसरो के वैज्ञानिकों एवं सेटेलाइट्स लाॅचिंग आदि की तस्वीर देखर गौरवान्वित होता था,लेकिन यहां तो मौका ही मिल गया इसरो सेंटर में बैठकर देश को गौरान्वित करने वाले ऐतिहासिक पल के गवाह बनने का। उत्साहित सौम्या ने कहा इसरो की उपलब्धि ने मन में गहरी छाप छोड़ा है,अब एक ही सपना है पढ़ लिखकर साइंटिस्ट बनने का।
– आॅनलाइन परीक्षा के आधार पर बिहार से दो छात्रों का हुआ था चयन इसमें एक नवादा की सौम्या
आठवीं कक्षा की सौम्या का चयन प्रधानमंत्री के साथ चंद्रयान 2 मिशन देखने के लिए पूरे भारत वर्ष में आयोजित ऑनलाइन परीक्षा में बेहतर करने के बाद की गई है। 15 से 25 अगस्त तक आयोजित ऑनलाइन परीक्षा के दौरान 20 प्रश्नों का सही जवाब 10 मिनट में देना था। बोधगया के एक निजी विद्यालय में पढ़ने वाली नवादा जिला के वारिसलीगंज प्रखंड अंतर्गत बाली निवासी आठवीं कक्षा की सौम्या ने ऑनलाइन परीक्षा में मात्र 8 मिनट में ही 20 प्रश्नों का सही उत्तर देकर प्रधानमंत्री के साथ चंद्रयान मिशन टू को नजदीक से देखने का सपना को पूरा कर लिया।






















































































































