नवादा टुडे डेस्क
जिले का कौवाकोल प्रखंड मैं झिलार गांव में आदिवासियों ने शुक्रवार की देर रात्रि आदिवासियों के प्रमुख त्योहारों में शुमार सरहुल पर्व भव्य रूप से मनाया गया। स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि रामबालक यादव ने बताया कि तीन दिनों तक मनाए जाने वाली आदिवासियों की इस मुख्य त्योहार में आदिवासी समुदाय के लोगों ने परम्परागत ढंग से पूजा अर्चना कर जमकर जश्न मनाया।
इस दरम्यान परंपरागत नृत्य एवं एक से बढ़कर एक आकर्षक कार्यक्रम आदिवासी समुदाय के लोगों द्वारा प्रस्तुत किया गया। स्थानीय छोटू हेम्ब्रम, संजय हेम्ब्रम,गणेश,विनोद आदि ने बताया कि सदियों से चली आ रही परम्परा के अनुसार वे लोग पूरे भक्ति भाव से पर्व को लेकर अपने अपने घरों की साफ सफाई करते है, एवं पूजा स्थल पर पूरी पवित्र रखते हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस पर्व में आस-पास के आदिवासी बाहुल्य गांवों एवं अन्य स्थानों से दूर दूर तक के रिश्तेदार पहुंचते हैं। यूं कहें तो तीन दिनों तक गांव में पर्व के दौरान मेला सा नजारा रहता है।


















































































































