परिजन को पसंद नही था गेम, चुपके से भारतोलन में नीपू लाई गोल्ड, तब नेशनल में मिला मौका

0
2449

अशोक प्रियदर्शी


दो साल पहले की बात है। ग्रामीण परिवेश की लड़की खेल में भाग्य आजमाना चाहती थी। इसके लिए परिवार मंे जब बताई तब उसे मना कर दिया गया। लेकिन वह चुपके चुपके गेम में पार्टिसिपेंट करने लगी। पहले ही साल जिलास्तरीय भारोतोलन प्रतियोगिता में भाग ली। उस प्रतियोगिता में वह गोल्ड ली।


यह जानकारी जब परिजनों को दी तब परिजन बहुत खुश हुए। उसके बाद परिजनों ने खेल में भाग लेने की अनुमति दिया। इसके बाद वह राज्य और नेशनल लेवल पर बेहतर प्रदर्शन की। यह कहानी है बिहार के नवादा जिले के सदर प्रखंड के घोसतावां गांव निवासी शैलेंद्र सिंह की बेटी नीपू कुमारी की है।


स्कूल गेम्स फेडरेशन आॅफ इंडिया द्वारा आंध्रप्रदेश के कर्नूल में 17 से 20 जनवरी तक आयोजित 64वां नेशनल स्कूल गेम्स 2018-19 के वेट लिफ्टिंग गल्र्स अंडर-19 प्रतियोगिता मंे पांचवें स्थान पर रही है। यह उसका पहला प्रयास था।


बिहार में गोल्ड मेडल रही नीपू
पहली दफा 2017 में सीतामढ़ी के डुमरा स्कूल में आयोजित राज्यस्तरीय विधालय भारोतोलन प्रतियोगिता में नवादा की नीपू ने बेहतर प्रदर्शन की थी। वह तीसरे स्थान पर रही थी। उसे कांस्य पदक मिला था। लेकिन मेहनत जारी। दूसरी दफा 2018 में वह बिहार की गोल्डन गर्ल हो गई। राज्य के 31 जिले के प्रतिभागियों ने भाग लिया था। प्रत्येक जिले से आठ खिलाड़ी भाग लिया था। इसमें अंडर 19 में पूरे बिहार में नीपू गोल्ड मेडल लाई। कोच टीचर अरविंद कुमार के मुताबिक, नीपू अपनी क्षमता के बदौलत अपनी पहचान बनाई है।


पहले ही गेम में लाई गोल्ड
नीपू जिले के पहले ही गेम में आंती इंटर स्कूल की ओर से भाग ली थी। वह पहले ही प्रयास में गोल्ड मेडल लाई है। उसके बाद से उसके लिए आगे का रास्ता बन गया। नीपू की सफर आसान नही है। इसके पिता किसान और मां गृहिणी है। मां पिता गेम के खिलाफ थे। लेकिन नीपू के हौसले को देखकर मौका दिया। चाचा नवलेश कुमार कहते हैं कि अब उसे कोई परेशानी नही है। घरेलू जरूरतों को कम कर भी नीपू को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग करेंगे।


स्कूल में वेटलिफ्््टिंग का समान भी नही
मुश्किल कि स्कूल में वेटलिफ्टिंग का समान भी नही है। आंती हाईस्कूल में फिजिकल टीचर अरविंद कुमार ने कहा कि कई दफा जिला प्रशासन और जन प्रतिनिधि से फरियाद किया। लेकिन कोई पहल नही किया गया है। वेटलिफ्टिंग सेट की करीब एक लाख रूपए कीमत है। लिहाजा, स्कूल के एक मामूली सेट से काम चलाया जा रहा है।


स्कूल ने किया सम्मानित
नीपू को आंती स्कूल परिसर में भी सम्मानित किया गया। प्रधानाध्यापक हामिद अंसारी, पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक राम इकबाल शर्मा और टीचर शिव शंकर प्रसाद, डाॅ गोपाल निर्दोष, डाॅ ममता कुमारी ने शुभकामनाएं दी है। पूर्व मुखिया श्रवण कुमार ने मदद का आश्वासन दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here