पंचायत की शपथ -अंजान व्यक्ति के साथ न मारपीट करेंगे, न करने देंगे

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ग्रामीणों ने कहा-जब किडनी निकालने की कोई घटना साबित ही नहीं हुई तब संदेह में अंजान चेहरों की पिटाई बड़ा अपराध

नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड के ननौरा पंचायत के गोतारइन गांव में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने एक बड़ी शपथ ली है। ग्रामीण दुर्गेश मांझी, शंभू शरण, ओम प्रकाश,अमेरिका प्रसाद, सुमित्रा देवी, जगदंबा देवी, काली देवी, मंति देवी जैसे सैकड़ों ग्रामीण ने शपथ ली कि अंजान व्यक्ति के साथ न मारपीट करेंगे और न करने देंगे। हां, कोई संदेह होने पर पुलिस को सूचित करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि जब किडनी निकालने की कोई घटना साबित ही नहीं हुई, तब उसके संदेह में अंजान चेहरों की पिटाई अपराध है।

बरगद के पेड़ के नीचे आयोजित ग्रामीणों के महापंचायत में आपस में विचार विमर्श के बाद यह तय किया है। ग्रामीण दुर्गेश मांझी, देवनंदन मांझी, राम सहाय मांझी, सुमन शर्मा, बसंती देवी, उर्मिला देवी समेत अनेक लोगों ने कहा कि यह एक अफवाह है जो जन-जन तक पहुंच गई है। सच्चाई से इसका कोई वास्ता नहीं है। अबतक देश भर में एक भी किडनी निकालने की घटना साबित नहीं हुई है। लेकिन इस संदेह के आधार पर अंजान चेहरे के साथ मारपीट की जा रही है। यह सामाजिक और कानूनी रूप से उचित नही है।

ननौरा पंचायत की मुखिया किरण वर्मा ने कहा कि यह पंचायत ने मिसाल पेश किया है। एक ग्रामीण को संदेह के आधार पर पकड़ा था, लेकिन उसके साथ कोई बदसलूकी नहीं की गई और न ही मारपीट की गई है। उसे पुलिस को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि गलत रहने पर भी सजा देने का अधिकार नागरिक के पास नहीं है। सजा देने के लिए व्यवस्था बनी है। न्याय व्यवस्था है। कानून है। मुखिया प्रतिनिधि शंकर साव सोनिक ने कहा कि पिछले कुछ माह से इस तरह का अफवाह ने पैर पसार लिया है। इसका सच्चाई से कोई लेना देना नही है। इस अफवाह के कारण कई की बिना कारण के जान भी चली गई है।

थानाध्यक्ष दीपक कुमार राव ने ग्रामीणों से कहा कि किसी भी व्यक्ति पर संदेह होने पर उसकी तुरंत सूचना पुलिस को दें। यह नागरिक का कर्तव्य है। लेकिन नागरिक जब खुद सजा देने लगती है तब यह जुर्म हो जाता है। ग्रामीणों को ऐसे अपराध से बचना चाहिए। इस पंचायत ने ऐसा मिसाल भी प्रस्तुत किया है। जब एक अंजान व्यक्ति पर शक होने पर उसे पुलिस को सौंप दिया गया था। ग्रामीण बधाई के पात्र है। संदेह के कारण विक्षिप्त, साधु, असहाय बन रहे निशाना वाट्सअप ग्रुप में वायरल हो रहे अफवाह भरे मैसेज से गलत संदेश फैला। लिहाजा, कौआकोल, नारदीगंज, अकबरपुर और वारिसलीगंज में माॅब लींचिग की कोशिश हुई है। हालांकि लोग बच गए। ताज्जुब कि जिन लोगों पर बच्चा चोरी और किडनी चोरी के आरोप में माॅब लिंिचग की घटनाएं हुई, वे विक्षिप्त, साधु, असहाय और भटक हुए बच्चे थे।

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