सीएए, एनपीआर और एनआरसी खिलाफ नवादा शहर में चल रहा आंदोलन लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन 10 डिग्री से कम तापमान वाली रात में भी धरनास्थल पर डटें हैं। गुरूवार को ककोलत विकास परिषद के संयोजक मसीहउद्यीन ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक एवं राष्ट्रीय नागरिकता पंजी सीधे -सीधे संविधान के खिलाफ है। यह देश के नागरिकों के हित में नहीं है। देश की जनता इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
सीपीआई के नेता अर्जुन सिंह ने धरना को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में ऐसा विभाजनकारी कानून संसद ने कभी मंजूर नहीं किया था। उन्होंने इस अधिनियम को पूर्णतः संविधान विरोधी बताते हए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की।
महिलाओं ने भी लिया हिस्सा।
नवादा नगर के बुंदेला बाग में हो रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भाग लिया। महिलाओं ने कहा कि कानून वापस होने तक यह आंदोलन रूकेगा नहीं। मौके पर मानवाधिकार संगठन के सचिव तारिक अनवर बाबा, माले नेत्री सावित्री देवी, बहुजन क्रांति मोर्चा के संयोजक कृष्ण देव चैधरी, मो.शमीम कल्लू, कांग्रेस नेता नदीम हेयात, मो.जसीम उददीन,मो. ,जहीर अनवर मंसूरी,जावेद मंसुरी,एजाज कैसर एवं मो.अला उददीन सहित अनेक प्रमुख लोग मौजूद रहे।



















































































































