जिले के उग्रवाद प्रभावित सिरदला थाना में कार्यरत दारोगा धर्मेंद्र राय की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गयी । थाना परिसर के कमरे से उनका शव बरामद किया गया है । बताया जाता है कि वे शनिवार की रात में खाना खाने के बाद सोने गए और रविवार की दोपहर तक जब वह बाहर नहीं निकले तो उनके सहकर्मियों ने उनकी खोजबीन शुरू की । खोजबीन के दौरान कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला । खिड़की से झांकने पर बेड पर पड़े दिखे । जिसके बाद घटना की सूचना उनके परिजनों को दी गयी ।
थानाध्यक्ष आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि सिरदला पीएचसी के चिकित्सक ने एसआई की मौत की पुष्टि की है । वरीय अधिकारियों को इस घटना की सूचना दी गई है । रजौली डीएसपी संजय कुमार और सिरदला बीडीओ अखिलेश्वर कुमार की मौजूदगी में दरवाजा को खुलवाया गया । जहाँ एसआई बिस्तर पर मृत पाया गया । एसआई के मुंह से झाग निकला हुआ था । परिजनों के मौजूदगी में छुट्टी नहीं मिलने से अवसाद में जी रहा था एसआई
सिरदला थाना परिसर स्थित आवास के कमरे में मृत पाए गए एसआई धर्मेंद्र राय की पत्नी हीरामणि देवी ने विलाप करते हुए पुलिस विभाग को कोषते हुए संगीन आरोप लगा रही थी । बताया जा रहा था कि एसआई के सीधा प्रवृति का फायदा उठाते हुए प्रताड़ित किया जा रहा था। लंबे समय से छुट्टी नही मिल रही थी । करीब 10 महीनों से वेतन बंद कर दिया गया था । केस काटने का हवाला देकर छुट्टी नही दिया जा रहा था। आदि आरोप लगा कर एसआई के शव से लिपट कर दहाड़े मार कर रो रही थी ।
एसआई के निधन पर पुलिसकर्मीयो की आंखे हुई नम
रविवार को सिरदला थाना में पदस्थापित हरदिल अजीज एसआई धर्मेंद्र कुमार राय की असामयिक निधन को देख सभी पुलिसकर्मी स्तब्ध रह गए । हर किसी की आंखे नम हो गयी । एसआई के कुशल व्यवहार की चर्चा सभी के जुबान से निकल रही थी ।
डीएसपी संजय कुमार
एसआई धर्मेंद्र कुमार के निधन की सूचना पर सिरदला पहुचे रजौली डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि एस आई धर्मेंद्र कुमार राय काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे । सहकर्मियों के अनुसार एसआई शुगर, बीपी और टायफायड से ग्रसित थे । जिसके कारण रविवार को एसआई का निधन हो गया ।
सिस्टम को कोस रहे थे सहकर्मी
एसआई धर्मेंद्र कुमार राय का निधन पर उनके सहकर्मियो में गुस्सा देखी जा रही थी । दबे जुबान में सिस्टम को कोष रहे थे सहकर्मी । पुलिस सूत्रों की माने तो विगत छह माह से काफी अवसाद में जी रहे थे एसआई । विभाग के हिटलरी रवैया के कारण उनका वेतन करीब 10 महीने से बंद कर रखा था । साथ ही करीब नौ महीने से एक भी छुट्टी नही दी गयी थी । ऊपर से बेटियों की शादी का दबाब तथा एकमात्र बेटे जो दिल्ली में पढ़ाई कर रहा था । पत्नी हीरामणि देवी भी लगातार बीमार चल रही थी । साथ ही दर्जनों केस को लेकर पदाधिकारियो के दबाब को लेकर धर्मेंद्र कुमार राय बेहद ही परेशान चल रहे थे । सहकर्मियों और उनके जानने वालों ने बताया कि अप्रैल माह में बेटी की शादी होनी तय थी । जिसको लेकर भी एसआई परेशान चल रहे थे । एसआई के निधन को विभागीय हत्या के रूप में बताया जा रहा था ।


















































































































